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स्थानीय युवाओं को सशक्त करने की पहल! अब 13 क्षेत्रीय भाषाओं में होगी CAPF कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा

CAPF constable recruitment exam: अब केवल हिंदी और अंग्रेजी में ही नहीं बल्कि 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी CAPF कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा होने वाली है. परीक्षा 20 फरवरी से 7 मार्च तक होने वाली है. इसबार उम्मीदवार अपनी पसंदीदा क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा दे सकेंगे.

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CAPF (Representative Image) CAPF (Representative Image)
हाइलाइट्स
  • उम्मीदवार चुन सकेंगे अपनी पसंद की भाषा 

  • पिछले साल इसे लेकर उठा था सवाल 

स्थानीय युवा भी सशक्त होंगे. CAPF कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा अब 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित होगी. गृह मंत्रालय ने भाषाई विविधता और स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है. गृह मंत्रालय (MHA) ने घोषणा की है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF ) में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा अब 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी.  हिंदी और अंग्रेजी के अलावा अब 13 भाषाओं में परीक्षा होगी.

उम्मीदवार चुन सकेंगे अपनी पसंद की भाषा 

इस बार 20 फरवरी से 7 मार्च तक CAPF कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा होने वाली है. इसमें उम्मीदवार अपनी पसंदीदा क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा दे सकेंगे. ऐसा पहली बार है जब इस तरह का विकल्प उम्मीदवारों को दिया जा रहा है. देश भर के 128 शहरों में लगभग 48 लाख उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है. यानी इसबार देशभर से सीएपीएफ की भर्ती परीक्षा देने के लिए लोग आने वाले हैं. 

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स्थानीय युवा होंगे सशक्त 

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, क्षेत्रीय भाषाओं में कांस्टेबल (General Duty) परीक्षा आयोजित करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन से लिया गया है. इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाना और देश भर की क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना है.

पिछले साल इसे लेकर उठा था सवाल 

दरअसल, इस मुद्दे ने पिछले साल तूल पकड़ा था. दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक नेताओं ने भर्ती परीक्षा से क्षेत्रीय भाषाओं को बाहर करने पर चिंता जाहिर की थी. विशेष रूप से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भाषा में विकल्प देने की बात कही थी. साथ ही कहा था कि केवल हिंदी और अंग्रेजी में परीक्षा आयोजित होना काफी भेदभाव भरा है. 

कौन सी भाषाएं होंगी शामिल?

बता दें, इन 13 भाषाओं में असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, उड़िया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी जैसी भाषाओं को शामिल किया गया है. सीएपीएफ भर्ती प्रक्रिया में भारत की भाषाई विविधता को दिखाया जा सकेगा. 

इसे लेकर गृह मंत्रालय और स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए हैं. इसकी मदद से इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकेगा.