NCERT
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नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक Understanding Society: India and Beyond के पाठ्यक्रम और अध्यायों की संरचना में बदलाव किया है. इसके तहत ‘India and the World Part 1’ अध्याय को कक्षा 9 से हटाकर कक्षा 10 में शामिल किया गया है. वहीं, संशोधित पाठ्यपुस्तक में ‘Resistance and Resilience (1000–1700 CE)’ यानी ‘प्रतिरोध और दृढ़ता (1000–1700 ईस्वी)’ शीर्षक से एक नया अध्याय भी शामिल किया गया है.
10वीं क्लास में पढ़ाया जाएगा 9वीं वाला हिस्सा-
पाठ्यपुस्तक के शुरुआती नोट के मुताबिक, मूल रूप से कक्षा 9 के लिए तैयार किए गए ‘India and the World Part 1’ अध्याय को अब कक्षा 10 में पढ़ाया जाएगा. इसे उच्च कक्षा में समान सीखने के उद्देश्यों वाले अन्य संबंधित विषयों के साथ शामिल किया जाएगा.
पाठ्यक्रम में ये बदलाव पढ़ाई को अधिक व्यवस्थित, उम्र के लिहाज से उपयुक्त और विद्यार्थियों की सीखने की जरूरतों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं.
शामिल किया गया नया चैप्टर-
संशोधित पाठ्यपुस्तक के दूसरे भाग में पहले प्रस्तावित ‘Authority’ यानी ‘प्राधिकार’ अध्याय की जगह अब ‘Governance and Public Policy’ यानी ‘शासन और सार्वजनिक नीति’ नाम का अध्याय शामिल किया गया है.
प्रतिरोध और दृढ़ता पर केंद्रित नया अध्याय-
पाठ्यपुस्तक के तीसरे अध्याय का शीर्षक ‘Resistance and Resilience (1000–1700 CE)’ है. यह अध्याय भारत में 1000 से 1700 ईस्वी के बीच आक्रमणों और क्षेत्रीय विस्तार के प्रयासों के प्रति भारतीय शासकों और समुदायों की प्रतिक्रियाओं पर केंद्रित है.
अध्याय के शुरुआती हिस्से का शीर्षक ‘Safeguarding Sovereignty: Resistance, Alliance and Confederacies’ यानी ‘संप्रभुता की रक्षा: प्रतिरोध, गठबंधन और परिसंघ’ है. इसमें बताया गया है कि किस तरह विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों ने युद्ध, गठबंधन, कूटनीति और आपसी सहयोग के जरिए अपने क्षेत्रों और राजनीतिक स्वायत्तता की रक्षा की.
अरब-तुर्की हमलों के खिलाफ संघर्ष का इतिहास-
इस अध्याय में अरब और तुर्की सेनाओं के आक्रमणों के साथ-साथ भारत के विभिन्न हिस्सों में उनका सामना करने वाले राज्यों और शासकों के प्रतिरोध का भी उल्लेख है. इसमें दक्कन, मालवा, कश्मीर और राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए संघर्षों को शामिल किया गया है.
अध्याय में तुर्की आक्रमणों के खिलाफ क्षेत्रीय शासकों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है. इसमें चालुक्य राज्य की रानी नायकी देवी द्वारा 1178 में माउंट आबू के निकट मुहम्मद गोरी को पराजित किए जाने का उल्लेख किया गया है.
पाठ्यक्रम में बदलाव का मकसद पढ़ाई को अधिक सहज बनाना-
पाठ्यपुस्तक के परिचयात्मक नोट में कहा गया है कि अध्यायों के क्रम और विषयवस्तु में बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को अधिक सार्थक और सहज बनाना है.
इसके मुताबिक, संशोधित पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों की उम्र, रुचियों और सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यवस्थित किया गया है. इसका उद्देश्य सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई को अधिक रोचक बनाना और ऐसे विषयों से बचना है, जिन्हें इस स्तर पर समझना विद्यार्थियों के लिए कठिन हो सकता है.
‘India and the World Part 1’ को कक्षा 10 में स्थानांतरित करना भी इसी बदलाव का हिस्सा है. अब इस अध्याय की विषयवस्तु को उच्च कक्षा में संबंधित विषयों के साथ पढ़ाया जाएगा.
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