
दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज में अब नया फैशन चल पड़ा है- पढ़ाई का नहीं, बल्कि ‘टेलर स्विफ्ट स्टडीज़’ का. जी हाँ, कभी पॉप स्टार के कन्सर्ट में झूमने वाले फैंस अब उनकी जिंदगी और गानों को क्लासरूम में पढ़ रहे हैं. हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से लेकर कनाडा की यूनिवर्सिटीज़ तक, हर जगह टेलर स्विफ्ट को पढ़ाया जा रहा है- कभी लिटरेचर में, कभी इकॉनॉमिक्स में तो कभी जेंडर स्टडीज में.
आखिर क्यों पढ़ाई जा रही हैं टेलर स्विफ्ट?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और कनाडा की कई नामी यूनिवर्सिटीज़ ने टेलर स्विफ्ट को अपने कोर्स का हिस्सा बना लिया है.
Harvard University ने 2024 में “Taylor Swift and Her World” नाम का कोर्स शुरू किया. इसमें उनके गानों को साहित्यिक नज़रिए से पढ़ाया गया. नतीजा? करीब 300 छात्रों ने इसे हाथों-हाथ लिया.
Northeastern University ने Zoom पर 2 दिन का कोर्स कराया, जिसमें 500 से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया. इसमें उनके गानों से महिला जीवन, समाज की अपेक्षाएँ और शोहरत की चुनौतियों पर चर्चा हुई.
संगीत से समाज तक- हर क्लास में स्विफ्ट का असर
जब पत्रकार बने प्रोफेसर
2022 में New York University (NYU) ने भी सुर्खियाँ बटोरीं. यहाँ Rolling Stone मैगज़ीन की पत्रकार ब्रिटनी स्पैनोस ने टेलर स्विफ्ट पर कोर्स पढ़ाया. इसमें उनके गानों के साथ-साथ म्यूज़िक एंटरप्रेन्योरशिप और रेस पॉलिटिक्स जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई.
कनाडा भी पीछे नहीं
कनाडा की University of Guelph ने जनवरी 2025 से टेलर स्विफ्ट पर एक नया कोर्स शुरू किया है. यह 600 छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसका हिस्सा है- ‘Icons of Music’ Initiative, जहाँ स्विफ्ट को पॉप कल्चर के केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाएगा. इसमें संगीत, साहित्य, जेंडर, सेक्सुअलिटी और धर्म जैसे मुद्दों को उनके करियर के जरिए समझाया जाएगा.
पॉप म्यूजिक से क्लासरूम तक का सफर
सोचिए, जो गाने कभी केवल फैंस के इयरफोन और कॉन्सर्ट में गूंजते थे, अब वे लिटरेचर, हिस्ट्री, इकॉनॉमिक्स और कल्चरल स्टडीज़ का हिस्सा बन गए हैं.
टेलर स्विफ्ट के गानों को अब “साहित्यिक पाठ” माना जा रहा है. उनकी पर्सनल लाइफ और म्यूज़िक इंडस्ट्री की राजनीति को “केस स्टडी” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. और सबसे अहम, इससे छात्र सीख रहे हैं कि पॉप कल्चर सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का आईना भी है.
फैंस और स्कॉलर्स का अनोखा मिलन
अब फैंस और स्कॉलर्स दोनों एक ही क्लास में बैठकर टेलर स्विफ्ट के गानों की लाइनों को “लेसन” की तरह पढ़ रहे हैं. कोई उनकी लिरिक्स को कविता मानकर समझ रहा है. कोई उनकी ज़िंदगी को सोशल रिफ्लेक्शन की तरह देख रहा है. और कोई यह जान रहा है कि कैसे एक पॉप स्टार की पर्सनालिटी इकॉनॉमी और जेंडर रोल्स पर असर डाल सकती है.
टेलर स्विफ्ट की एंट्री अकादमिक दुनिया में यह साफ दिखाती है कि म्यूज़िक अब सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं रहा. यह क्रिटिकल थिंकिंग का जरिया बन रहा है. यह संस्कृति और समाज पर चिंतन का माध्यम बन रहा है. और सबसे बढ़कर, यह साबित कर रहा है कि क्लासरूम और कॉन्सर्ट स्टेज में अब बहुत फर्क नहीं बचा.