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हैदराबाद के 18 वर्षीय वेदांत को अमेरिका यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए मिली 1.3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप...बनना चाहते हैं सर्जन

आठवीं कक्षा से ही वेदांत विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते थे. उन्होंने बॉयोलॉजी सब्जेक्ट चुना. जिस समय उनकी कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी हुई उस समय देश में कोरोना फैला हुआ था. तब उनकी मां ने उनका परिचय डेक्सटेरिटी ग्लोबल (Dexterity Global) से कराया.

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Vedant Vedant
हाइलाइट्स
  • उन्होंने बॉयोलॉजी सब्जेक्ट चुना

  • मिली 1.3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप

हैदराबाद के एक 18 वर्षीय वेदांत आनंदवाड़े को संयुक्त राज्य अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से न्यूरोसाइंस और साइकोलॉजी में प्री मेडिकल अंडरग्रेजुएट स्टडीज के लिए 1.3 करोड़ की छात्रवृत्ति मिली है.

वेदांत ने एक क्लाइमेट चेंज कॉम्पटीशन में हिस्सा लिया था,जिसके लिए वह अब नवंबर में पेरिस जाएंगे और यूनेस्को में जूरी के लिए समाधान पेश करेंगे. वेदांत आनंदवाड़े विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं. यह उपलब्धि उनके लिए सपना पूरा करने जैसी है. वह केस वेस्टर्न में न्यूरोसाइंस की पढ़ाई करेंगे और आगे चलकर सर्जन बनना चाहते हैं.

स्कॉलरशिप के बारे में कैसे पता चला?
आठवीं कक्षा से ही वेदांत विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहते थे. उन्होंने बॉयोलॉजी सब्जेक्ट चुना. जिस समय उनकी कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी हुई उस समय देश में कोरोना फैला हुआ था. तब उनकी मां ने उनका परिचय डेक्सटेरिटी ग्लोबल (Dexterity Global) से कराया. उस समय हम कॉलेजों और काउंसलर की तलाश कर रहे थे, जो मुझे अपने पसंदीदा कॉलेज में एडमिशन दिलाने में मदद करे. वेदांत ने 16 साल की उम्र में कैरियर डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए आवेदन किया जोकि तीन महीने का प्रोग्राम है. 

वेदांत ने कहा, "केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी में मुझे यही प्रमुख कारक मिला. केस वेस्टर्न ने 17 नोबेल पुरस्कार विजेताओं को बनाया है इसलिए अब मैं न्यूरोसाइंस यहीं से करूंगा." उन्होंने ने बताया कि क्लास में दिए गए वीकली असाइनमेंट से उसे आत्मविश्वास और स्वतंत्रता प्राप्त मिली. मंथली असाइनमेंट ने छात्रों को उन अवसरों, प्रतियोगिताओं और क्विज़ का चयन करने के लिए प्रेरित किया, जिनमें उन्हें भाग लेना था. इस तरह डेक्सटेरिटी ग्लोबल की उनकी टीम ने जलवायु पूर्णता चुनौती को जीत लिया जिसने उनके रिज्यूमे को काफी हद तक बढ़ावा दिया.

बच्चों को सलाह
वेदांत ने बच्चों को सुझाव दिया कि उन्हें शिक्षाविदों पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें एक ऑल-राउंड रिज्यूमे बनाना चाहिए जिसमें शिक्षाविदों के अलावा अन्य गतिविधियां शामिल हों.

मां ने जताई खुशी
वेदांत की मां विजया लक्ष्मी अनादवड़े ने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व जताया. वह 1.3 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति से खुश हैं लेकिन उन्होंने एएनआई को बताया कि यह फीस की पूर्ण माफी नहीं थी. उन्होंने डेक्सटेरिटी को धन्यवाद दिया जिसकी मदद से वेदांत अपने लिए एक अच्छा मंच बनाने में सक्षम हुआ जिसने उसे अपना सीवी अच्छा करने में मदद की ताकि वह छात्रवृत्ति प्राप्त कर सके.