West Burdwan News
West Burdwan News
पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के अंडाल स्थित श्रीरामपुर फ्री प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को उस समय भावुक माहौल बन गया, जब छात्रों को पता चला कि उनके प्रिय शिक्षक संदीप करमाकर का तबादला हो गया है. ट्रांसफर की खबर मिलते ही कई बच्चे रो पड़े और अपने शिक्षक से स्कूल छोड़कर नहीं जाने की गुहार लगाने लगे. इस भावुक विदाई का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
15 साल सरकारी स्कूल में थे तैनात-
संदीप करमाकर पिछले 15 सालों से श्रीरामपुर फ्री प्राइमरी स्कूल में कार्यरत थे. अपने करीब 16 वर्षों के शिक्षकीय जीवन में उन्होंने अधिकांश समय इसी विद्यालय में बिताया. स्थानीय लोगों और अभिभावकों के अनुसार, उनके आने से स्कूल की तस्वीर बदल गई. विद्यालय के शैक्षणिक माहौल, अनुशासन और आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ. उनके प्रयासों से कई बच्चे दोबारा स्कूल से जुड़े और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ी.
फूट फूटकर रोने लगे छात्र-
जब छात्रों को उनके तबादले की जानकारी मिली तो वे खुद को रोक नहीं सके. कई बच्चों ने शिक्षक का हाथ पकड़ लिया, कुछ उनके पैरों से लिपटकर रोने लगे. बच्चे बार-बार कहते रहे कि सर, हमें छोड़कर मत जाइए. अगर आप नहीं रहेंगे तो हम स्कूल नहीं आएंगे. यह दृश्य देखकर स्कूल के अन्य शिक्षक, अभिभावक और मौजूद स्थानीय लोग भी भावुक हो गए.
छात्रों को होगा नुकसान- अभिभावक
अभिभावकों का कहना है कि संदीप करमाकर केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि बच्चों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत बन चुके थे. उनका मानना है कि ऐसे समर्पित शिक्षक का तबादला विद्यालय के लिए बड़ी क्षति है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सरकारी सेवा में स्थानांतरण नियमों के तहत होता है.
मैं इस स्कूल को कभी नहीं भूलूंगा- संदीप
विदाई के दौरान भावुक संदीप करमाकर ने कहा कि यह सरकार का ट्रांसफर आदेश है और मुझे नियमों के अनुसार नई जगह पर जाना होगा. लेकिन मैं इस स्कूल, यहां के बच्चों और उनके स्नेह को कभी नहीं भूलूंगा. मेरी कामना है कि यह विद्यालय लगातार आगे बढ़े और यहां के सभी विद्यार्थी अच्छे इंसान बनें.
श्रीरामपुर फ्री प्राइमरी स्कूल में शिक्षक और छात्रों के बीच भावनात्मक जुड़ाव की यह तस्वीर एक बार फिर यह संदेश देती है कि एक अच्छा शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं कराता, बल्कि अपने व्यवहार, स्नेह और समर्पण से विद्यार्थियों के जीवन पर गहरी छाप छोड़ जाता है.
(अनिल गिरी की रिपोर्ट)
ये भी पढ़ें: