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अभिषेक बंटी नहीं, बांकीपुर में प्रशांत किशोर के खिलाफ चुनाव लड़ेगा 32 साल का ये लीडर, बीजेपी ने बनाया उम्मीदवार

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बड़ा बदलाव हुआ है. बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. बीजेपी ने उनकी जगह नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है. नीरज सिन्हा साल 2006 से बीजेपी से जुड़े हैं. उनके दादा जनसंघ के कार्यकर्ता थे. नीरज सिन्हा की उम्र सिर्फ 32 साल है.

Niraj Sinha and Abhishek Kumar Niraj Sinha and Abhishek Kumar

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में एक बड़ा बदलाव हुआ है. बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा बंटी ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद बीजेपी फौरन नए उम्मीदवार का ऐलान कर दिया. बीजेपी ने इस सीट से 32 साल के नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा है. नीरज सिन्हा पटना के ही रहने वाले हैं और उनकी फैमिली बीजेपी से 3 पीढ़ियों से जुड़ी है.

बीजेपी ने बांकीपुर में उतारा नया उम्मीदवार-
बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार ने अपना नामांकन वापस ले लिया. उन्होंने इसके पीछे पारिवारिक कारण बताया. इसके बाद बीजेपी एक्टिव हुई और फौरन नए उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया. बीजेपी ने अभिषेक कुमार की जगह नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा है. नीरज सिन्हा भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष हैं.

कौन हैं नीरज सिन्हा?
बांकीपुर में बीजेपी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा पटना के मीठापुर इलाके के रहने वाले हैं. वो भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष हैं. नीरज सिन्हा की उम्र 32 साल है. वो अविवाहित हैं. नीरज सिन्हा साल 2006 में बीजेपी के प्राथमिक सदस्य बने. उनको संगठन में जिम्मेदारी मिली. उन्होंने पहले बूथ अध्यक्ष, फिर मंडल महामंत्री और उसके बाद भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष का पद संभाला.

जनसंघ से समय से जुड़ी है फैमिली-
नीरज सिन्हा की फैमिली बीजेपी की विचारधारा से काफी पहले जुड़ी हुई है. नीरज सिन्हा के दादा जनसंघ के कार्यकर्ता रहे हैं. उनके चाचा नरेंद्र भारती जनसंघ के कार्यकर्ता थे. जिनकी स्मृति में मंडल का नाम नरेंद्र भारती मंडल रखा गया है. नीरज सिन्हा दूसरी बार नरेंद्र भारती मंडल के मंडल अध्यक्ष बने हैं.

अभिषेक सिन्हा ने वापस लिया नाम-
बीजेपी ने बांकीपुर उपचुनाव में अभिषेक कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था. लेकिन उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है. अभिषेक सिन्हा ने इसके पीछे पारिवारिक कारण बताया है. उन्होंने कहा कि पारिवारिक कारणों से मैं विधानसभा उपचुनाव लड़ने में असमर्थ हूं. मैं पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहले की तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाता रहूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने अभी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को एक पत्र सौंपा है.

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