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गुजरात में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी में फंसा पेंच, क्या गुजरात के बाहर से भी होगा कोई नाम? सभी सीटों पर जीत है तय

गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों पर 18 जून को वोट डाले जाएंगे. सूबे में बीजेपी के पास बहुमत से ज्यादा विधायक हैं. इसलिए चारों सीटों पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है. 8 जून को नामांकन का आखिरी दिन है. लेकिन अब तक बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है.

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गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होने हैं. लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सत्ताधारी भाजपा के पास बहुमत से कई ज्यादा ज्यादा नंबर है. ऐसे में सभी 4 सीटों पर भाजपा की निर्विरोध जीत तय मानी जा रही है. कांग्रेस और आप के पास पर्याप्त संख्या बल न होने के चलते दोनों पार्टी किसी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारेगी. जिसकी वजह से भाजपा के चारों उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे यह तय है. लेकिन अभी तक भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं. 8 जून नामांकन का आखिरी दिन है. भाजपा के सूत्रों की माने तो पिछले सप्ताह हुई पॉर्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में सभी नामों पर मुहर लग चुकी है और आज या 6 जून को नाम घोषित होने की संभावना है. 5 जून को पीएम मोदी का गुजरात और दमन का दौरा है तो उनके दौरे से पहले या उसके बाद यह नाम घोषित हो सकते हैं, ऐसा माना जा रहा है. पार्टी की ओर से नामांकन की सारी तैयारियां कर ली गई है.

कहां फंसा पेंच?
गुजरात की चार राज्यसभा सीट के लिए चुनाव की घोषणा के साथ यह तय था कि चारों सीटें भाजपा जीतने वाली है. ऐसे में माना जा रहा था कि सभी नाम गुजरात के ही होंगे और बाहर से कोई नाम नहीं आएगा. पिछला बार जेपी नड्डा को गुजरात से राज्यसभा भेजा गया था. इसके अलावा डो. एस जयशंकर को भी गुजरात से राज्य सभा भेजा गया है. तो क्या इस बार भी एक या दो नाम गुजरात बाहर के होंगे, इसको लेकर संशय बना है. अगर पार्टी किसी बड़े चेहरे को दूसरे राज्यों से नहीं भेज सकती तो गुजरात उसके लिए हमेशा से मजबूत राज्य रहा है, जहां पर पार्टी के किसी भी उम्मीदवार को कोई दिक्कत नहीं होती. प्रदेश के नेताओं का साफ कहना है कि यह फैसला केन्द्रीय नेतृत्व यानी केन्द्रीय संसदीय बोर्ड को करना है तो इसमें प्रदेश की कोई भूमिका नहीं रहती है. नाम घोषित होने में जो देरी हो रही है, उसे लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि क्या 1 या 2 नाम गुजरात बाहर के होंगे?

किस की कितनी संख्या?
गुजरात विधानसभा में कुल 182 सदस्य है. अभी एक विधायक का निधन हुआ है, भाजपा के पास 161 विधायक हैं. कांग्रेस के पास 12, आप के पास 4 और एक निष्कासित विधायक हैं. 2 निर्दलीय हैं. सपा के एक विधायक हैं. कांग्रेस के पास सिर्फ नामांकन कर पाए, उतने ही विधायक हैं. वैसै में वह नामांकन नहीं करेगी. इसलिए भाजपा के सभी चारों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है. वह जैसै ही नामांकन करेंगे और उनका नामांकन मान्य होगा. उसके बाद उनकी जीत तय है. 

पहली बार गुजरात से कांग्रेस का कोई भी सदस्य राज्यसभा में नहीं होगा-
गुजरात की स्थापना के बाद यह पहला मौका होगा, जहां पर गुजरात से कांग्रेस का कोई भी सदस्य राज्यसभा में नहीं होगा. शक्तिसिंह गोहिल अभी तक सांसद थे. लेकिन उनकी सीट पर चुनाव घोषित होते ही अब गुजरात से कांग्रेस का कोई भी राज्यसभा सांसद नहीं बचा. शक्तिसिंह गोहिल के अलावा भाजपा के नरहरि अमीन, रामभाई मोकरिया और रमीला बेन बारा का भी कार्यकाल खत्म हुआ है. माना जा रहा है भाजपा किसी भी उम्मीदवार को रिपिट करने के मूड में नहीं है. जमीनी कार्यकर्ता के साथ साथ पार्टी को राज्यसभा में मजबूत कर सकने वाले चेहरे को प्राथमिकता दी जाएगी. अगर सभी चारों उम्मीदवार प्रदेश की ही होंगे तो एक चेहरा पाटीदार होने की संभावना है, उसके अलावा एक महिला चेहरा होगा, ओबीसी और एससी-एसटी से एक-एक चेहरे को पार्टी पसंद करे, ऐसी पूरी संभावना देखी जा रही है. लेकिन अगर 1 या 2 चेहरे प्रदेश के बाहर से होंगे तो यह समीकरण बिगड़ सकता है. साल 2027 में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं, वैसै में उसे ध्यान में रखकर इन चेहरों की पसंदगी की जाएगी, ऐसा माना जा रहा है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि भाजपा इस बार भी किसी बड़े चेहरे को गुजरात से भेजेगी या फिर सभी चेहरे प्रदेश के ही होंगे.

(ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट)

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