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300 साल पहले बंगाल, बिहार पर था शासन, अब वंशजों का वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप

300 साल पहले बंगाल, बिहार और ओडिशा में जिस फैमिली का शासन था, आज उस मीर जाफर के वंशजों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने जाने के आरोप लगे हैं. फहीम मिर्जा ने कहा कि वे इस मामले में ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे, लेकिन तब तक विधानसभा चुनाव खत्म हो सकता है और परिवार के कई सदस्य इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे.

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जिस नवाब परिवार के नेतृत्व में लगभग 300 साल पहले बंगाल, बिहार और ओडिशा समृद्ध हुए थे, आज उसी मीर जाफर के वंशजों को अपने 'भारतीय नागरिक' होने का प्रमाण देने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद के नवाब परिवार के लगभग सौ सदस्यों के नाम SIR प्रक्रिया के दौरान वोटर सूची से हटाए जाने का आरोप सामने आया है. इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे इस बार मतदान कर पाएंगे या नहीं.

नवाब फैमिली के कई सदस्यों से नाम वोटर लिस्ट से बाहर-
सूत्रों के अनुसार, सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद नवाब परिवार के सदस्य सभी जरूरी दस्तावेज लेकर चुनाव आयोग के सामने उपस्थित हुए थे. लेकिन सुनवाई के बावजूद परिवार के कई सदस्यों के नाम स्थायी रूप से सूची से हटा दिए गए, ऐसा आरोप है.

300 साल पहले बंगाल, बिहार पर था शासन-
साल 1757 के प्लासी के युद्ध के बाद सिराजुद्दौला की हार के पश्चात मीर जाफर ब्रिटिशों की मदद से सत्ता में आए थे. वर्तमान में उनके 15वें वंशज मोहम्मद रेजा अली मिर्जा मुर्शिदाबाद के किला निजामत क्षेत्र में रहते हैं. उनको ‘छोटे नवाब’ कहा जाता है. 16वें वंशज सैयद मोहम्मद फहीम मिर्जा भी उनके साथ वहीं निवास करते हैं. इसी इलाके में नवाब परिवार के कई अन्य सदस्य भी रहते हैं, जिनके नाम भी वोटर सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है.

कई सदस्यों के नाम हटाए गए- फहीम मिर्जा
फहीम मिर्जा मुर्शिदाबाद नगर पालिका के 10 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद हैं. उनका कहना है कि 2002 की वोटर सूची में मेरे और मेरे पिता का नाम था और हमने वोट भी दिया था. लेकिन इस बार एसआईआर प्रक्रिया में हमारे परिवार के कई लोगों के नाम हटा दिए गए.

उन्होंने कहा कि हजारद्वारी पैलेस समेत मुर्शिदाबाद के कई ऐतिहासिक भवन हमारे पूर्वजों द्वारा बनाए गए हैं. इसके बावजूद हमारा नाम वोटर सूची से हटाकर हमारी नागरिकता पर सवाल खड़ा किया जा रहा है.

चुनाव में कई सदस्य नहीं कर पाएंगे मतदान- फहीम
फहीम ने यह भी बताया कि उनके 82 वर्षीय पिता ने अस्वस्थ होने के बावजूद खुद लाइन में खड़े होकर सभी दस्तावेज जमा किए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुर्शिदाबाद के नवाब परिवार के सदस्य अब भारत के नागरिक नहीं हैं? इसका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले में ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे, लेकिन तब तक विधानसभा चुनाव खत्म हो सकता है और परिवार के कई सदस्य इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे.

वहीं, मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट के भाजपा उम्मीदवार गौरिशंकर घोष ने कहा कि हमारी पार्टी या चुनाव आयोग ने किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाने को नहीं कहा है. यदि किसी का नाम हट गया है, तो वे ‘फॉर्म 6’ भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं.

(सब्यसाची बनर्जी की रिपोर्ट)

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