scorecardresearch

यूपी में SC/ST की तर्ज पर EBC के लिए कानून चाहती है कांग्रेस, पार्टी ओबीसी विभाग ने आलाकमान को भेजा प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस EBC को साधन के लिए बड़ी तैयारी कर रही है. कांग्रेस ओबीसी विभाग ने बिहार की तर्ज पर यूपी में भी अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण कानून का प्रस्ताव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा है. फिलहाल प्रस्ताव पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी का इंतजार है.

Advertisement
Rahul Gandhi and Mallikarjun Kharge Rahul Gandhi and Mallikarjun Kharge

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) को साधने की दिशा में एक अहम प्रस्ताव तैयार किया है. पार्टी के ओबीसी विभाग ने उत्तर प्रदेश में ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ लाने का प्रस्ताव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भेजा है.

SC/ST एक्ट की तर्ज पर कानून का प्रस्ताव-
कांग्रेस के ओबीसी विभाग के चेयरमैन अनिल जयहिंद ने प्रस्ताव में कहा है कि उत्तर प्रदेश में अतिपिछड़े वर्ग के साथ कथित अत्याचार और शोषण को रोकने के लिए एक विशेष कानून की जरूरत है. प्रस्तावित कानून की रूपरेखा SC/ST एक्ट की तर्ज पर हो सकती है.

हालांकि, प्रस्ताव में ओबीसी की सभी जातियों को शामिल करने के बजाय केवल अतिपिछड़ी जातियों को इसके दायरे में रखने की बात कही गई है. यादव और जाट जैसी अपेक्षाकृत प्रभावशाली ओबीसी जातियां प्रस्तावित कानून के दायरे से बाहर रहेंगी.

बिहार के फॉर्मूले को UP में दोहराने की तैयारी-
अनिल जयहिंद के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी नेतृत्व की अनुमति से अतिपिछड़ा वर्ग के लिए इस तरह का वादा किया गया था. अब इसी प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश में भी चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाने पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल प्रस्ताव पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी का इंतजार है.

घोषणापत्र में कई बड़े OBC वादों की तैयारी-
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस उत्तर प्रदेश के चुनावी घोषणापत्र में पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है. इनमें प्रमुख प्रस्ताव हैं:

  • अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम लाने का वादा.
  • आबादी के अनुपात में OBC आरक्षण बढ़ाने की मांग.
  • ₹25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में OBC और EBC के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव.
  • भूमिहीन अतिपिछड़े परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने का वादा.
  • आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा बढ़ाने के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र को भेजने की मांग.

क्या सवर्ण रणनीति पर पड़ेगा असर?
कांग्रेस के भीतर इस बात पर भी चर्चा होगी कि EBC-केंद्रित यह एजेंडा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की सवर्ण और सामाजिक गठजोड़ की रणनीति के साथ किस तरह संतुलित किया जाएगा.

पार्टी के सामने यह सवाल भी रहेगा कि सवर्ण मतदाताओं और अपेक्षाकृत प्रभावशाली OBC समूहों के बीच ऐसे प्रस्तावों को किस तरह देखा जाता है. कांग्रेस के लिए EBC पर फोकस बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक गठजोड़ के दूसरे हिस्सों को साधना भी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा होगा.

ये भी पढ़ें: