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साल 2022 में हारी सीटों के लिए रणनीति बनाने में जुट गई BJP, क्या है प्लान?

बीजेपी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुट गई है. पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व को मैदान में उतार रही है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष का दौरा होने वाला है. नितिन नवीन का पश्चिमी यूपी और संतोष का अवध-कानपुर दौरा होना है.

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BJP Leaders (Photo/PTI) BJP Leaders (Photo/PTI)

जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश की सियासत में पारा चढ़ता जा रहा है. हर सियासी दलों ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. सत्ता पर काबिज बीजेपी ने हारी हुई सीटों को जीतने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व खुद जमीन पर उतरेगा और चुनावी रणनीति की जमीनी पड़ताल करेगा. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पश्चिमी यूपी का दौरा और बीएल संतोष का अवध-कानपुर का दौरा संगठन और सामाजिक समीकरण को साधने के लिए बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.

नितिन नवीन और बीएल संतोष का दौरा-
प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के दौरे के बाद अब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष यूपी पहुंचेंगे. साथ ही तावड़े का दोबारा यूपी का दौरा जल्द होगा. नितिन नवीन 12 से 13 सितंबर तक मेरठ में पश्चिमी यूपी का दौरा करेंगे. बीएल संतोष लखनऊ पहुंचकर अवध और कानपुर क्षेत्र के संगठनात्मक कार्यक्रमों में शामिल होंगे. दोनों नेता 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव में हारी सीटों का फीडबैक भी लेंगे. बीएल संतोष की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक से मुलाकात संभावित है.

नितिन के सामने पश्चिमी यूपी को साधने की चुनौती-
नितिन नवीन अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पश्चिमी यूपी के दौरे पर जाएंगे. मेरठ में संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक के साथ संघ पदाधिकारियों से समन्वय संवाद भी संभावित है. पश्चिमी यूपी की 71 विधानसभा सीटों पर सामाजिक समीकरण और गुर्जर राजनीति में हलचल भाजपा के लिए अहम चुनौती है.

बीएल संतोष की अवध और कानपुर पर नजर-
बीएल संतोष अवध की 82 और कानपुर क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. एनडीए सहयोगी दलों की दावेदारी वाली सीटों के सामाजिक समीकरण और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा होगी. क्षेत्रीय टीमों के गठन के बाद राष्ट्रीय नेतृत्व अब संगठन की जमीनी तैयारियों की समीक्षा करेगा. समरसता संकल्प अभियान, तिरंगा अभियान और आगामी सेवा संकल्प माह की तैयारियों एवं उपलब्धियों की समीक्षा भी दौरे के एजेंडे में रहेगी.

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