Atul Kulkarni support Sonam Wangchuk
Atul Kulkarni support Sonam Wangchuk
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में एक्टर अतुल कुलकर्णी ने एक दिन का अनशन करने का ऐलान किया है. सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अतुल ने कहा कि उनका यह कदम सिर्फ समर्थन जताने के लिए नहीं, बल्कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद शुरू कराने की अपील भी है.
अतुल: दर्द को दर्द से जोड़ना जरूरी
वीडियो संदेश में अतुल कुलकर्णी ने कहा कि उनके एक दिन के अनशन के पीछे दो वजहें हैं. पहली, वे सोनम वांगचुक और उनके साथ अनशन कर रहे लोगों के दर्द को महसूस करना चाहते हैं. दूसरी, वे सरकार से अनुरोध करना चाहते हैं कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए आंदोलनकारियों के साथ बातचीत शुरू करे.
अतुल ने कहा कि आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और उन्हें लगता है कि उनके पास मजबूत कारण हैं. वहीं सरकार का नजरिया अलग हो सकता है और उसे लग सकता है कि ये मांगें उचित नहीं हैं. लेकिन इसका समाधान संवाद के जरिए ही निकल सकता है.
दोनों पक्षों के बीच बातचीत का अभाव
अतुल कुलकर्णी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सरकार जानबूझकर असंवेदनशील है. उनके मुताबिक असली समस्या दोनों पक्षों के बीच बातचीत का अभाव है. उन्होंने सरकार से अपील की कि वह जल्द से जल्द आंदोलनकारियों के साथ चर्चा शुरू करे. अतुल ने लोगों से भी अपील की कि यदि वे सोनम वांगचुक की मांगों और उनके संघर्ष से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं तो 16 जुलाई को एक दिन का सांकेतिक अनशन करें और इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं.
उन्होंने कहा, "दर्द का दर्द से रिश्ता होना बहुत जरूरी है. आइए, दर्द को दर्द से जोड़ते हैं और एक दिन के अनशन के जरिए अपनी एकजुटता दिखाते हैं."
19वें दिन में पहुंचा सोनम वांगचुक का अनशन
सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों जैसे मुद्दों को लेकर चल रहा है. आंदोलन के दौरान छात्रों की आत्महत्या और परीक्षा विवादों को भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है.
लगातार 19 दिनों से अनशन पर बैठे वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है. उनका वजन करीब 9 किलोग्राम कम हो चुका है और वे 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में हैं. हालांकि उनका ईसीजी सामान्य बताया गया है, लेकिन उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि लंबे समय से भोजन न करने की वजह से उन्हें काफी कमजोरी महसूस हो रही है.
उधर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई है. कोर्ट ने कहा कि हर नागरिक की जान कीमती है. उसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है.
20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च का आह्वान
सोनम वांगचुक ने समर्थकों से अपील की है कि वे उन्हें अनशन खत्म करने के लिए मनाने के बजाय 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित 'चलो संसद' मार्च में शामिल हों. उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास है.
कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन भी मिला
वांगचुक के आंदोलन को फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन भी मिला है. अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, जीनत अमान, शबाना आज़मी, अभय देओल, अनुराग कश्यप, ओमी वैद्य, सयाजी शिंदे, श्रेया धनवंतरी, स्वरा भास्कर और प्रकाश राज सहित कई कलाकार उनके समर्थन में सामने आ चुके हैं.