'Chandu Champion' Kartik Aaryan makes his National Film Award debut as best actor
'Chandu Champion' Kartik Aaryan makes his National Film Award debut as best actor
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सिनेमा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वालों को सम्मानित किया. साथ ही उन्होंने फिल्म जगत के कलाकारों से अपील की कि वे ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रचार न करें, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि फिल्म कलाकारों की बातों और उनके काम का बच्चों और युवाओं पर गहरा असर पड़ता है. इसलिए लोकप्रिय कलाकारों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समाज के लिए सकारात्मक संदेश देना चाहिए.
सच्चा स्टार रोशनी फैलाता है अंधेरा नहीं-मुर्मू
राष्ट्रपति ने कहा कि जब सफल कलाकार अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली के फायदे बताते हैं तो लाखों बच्चे और युवा उन्हें देखकर वैसा ही करने की कोशिश करते हैं. ऐसे में कलाकारों की जिम्मेदारी सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रहती. उन्होंने कहा, सच्चा स्टार वह है जो रोशनी फैलाता है, अंधेरा नहीं.
2024 की फिल्मों के लिए दिए गए राष्ट्रीय पुरस्कार
राष्ट्रपति मुर्मू ने समारोह में वर्ष 2024 के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी. इनमें फीचर फिल्म, नॉन-फीचर फिल्म और सिनेमा पर लेखन जैसी श्रेणियों में बेहतरीन काम को सम्मान दिया जाता है. इस साल आर्टिकल 370 को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, भंगार को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म और राम-नामी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार मिला. अभिनय की श्रेणी में ममूटी और कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया.
जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि हर क्षेत्रीय जूरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए. उनके मुताबिक किसी भी क्षेत्र में महिलाओं का नजरिया शामिल होने से समाज और इंसान को देखने का नजरिया ज्यादा व्यापक बनता है. उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार समारोह में कई महिलाओं को सम्मान मिला है, लेकिन फैसला लेने वाली जूरी में भी महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी जरूरी है.
छोटे कलाकारों और फिल्म वर्कर्स के सम्मान की बात
राष्ट्रपति मुर्मू ने फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले उन लोगों की स्थिति पर भी ध्यान दिलाया, जो पर्दे के पीछे रहकर फिल्मों को तैयार करने में योगदान देते हैं. उन्होंने कहा कि छोटे कलाकारों, सहायकों, तकनीकी कर्मचारियों और उन लोगों को भी सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए, जो क्रिएटिव इंडस्ट्री में अपना स्थान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से अपील की कि काम करने वाले हर व्यक्ति के साथ सम्मान और संवेदनशीलता को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाया जाए. राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि पिछले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भी उन्होंने फिल्म क्रू के हर सदस्य के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को जरूरी बताया था.
कलाकारों का प्रभाव सिर्फ फिल्मों तक नहीं
राष्ट्रपति की बात का मुख्य संदेश यह रहा कि लोकप्रिय कलाकारों का प्रभाव उनके अभिनय या फिल्मों तक सीमित नहीं रहता. बच्चे और युवा उन्हें रोल मॉडल के तौर पर देखते हैं. ऐसे में किसी प्रोडक्ट, जीवनशैली या सामाजिक संदेश का प्रचार करते समय उसके असर पर भी ध्यान देना जरूरी है.