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NEET पेपर लीक मामले पर सलमान खान का झलका दर्द, छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन का किया समर्थन और बोले...

सलमान खान ने NEET पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने राजनीति से दूर रहने, शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भारत को एजुकेशन हब बनाने की बात कही.

पेपर लीक पर सलमान खान का झलका दर्द पेपर लीक पर सलमान खान का झलका दर्द

पेपर लीक मामले में अब एक्टर सलमान खान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दे दी है. उन्होंने भारत के सबसे बड़े एक्जामों में शामिल NEET पेपर लीक मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आंदोलन को बेहद शांतिपूर्ण बताया, लेकिन इसका हिंसक रूप देखना दुखद है. उन्होंने उन माता-पिता और स्टूडेंट के लिए अपनी संवेदना प्रगट की है जिन्हें इस दौरान चोट पहुंची.

पेपर लीक बेहद गंभीर मुद्दा
सलमान खान ने कहा कि पेपर लीक बहुत गंभीर समस्या है. उन्होंने खुशी जताई कि देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर एकजुट हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन में छात्रों के माता-पिता ने भी उनका पूरा साथ दिया.

सलमान ने कहा कि वह छात्रों के इस रुख की दिल से सराहना करते हैं. उनके मुताबिक, छात्रों ने मेहनत से पढ़ाई करने, अपना भविष्य बनाने और देश को अधिक शिक्षित बनाने की जो इच्छा दिखाई है, वह प्रेरणादायक है. उन्होंने कहा कि छात्रों ने पूरी ईमानदारी, समर्पण और शिक्षा के प्रति गंभीरता दिखाई है.

आंदोलन को बताया सही तरीका
सलमान खान ने कहा कि यह आंदोलन और विरोध का तरीका बिल्कुल सही था, क्योंकि छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया. उन्होंने छात्रों को साहसी और बहादुर बताते हुए कहा कि शिक्षा के लिए उनका जुनून और समर्पण आने वाले समय में भारत को गर्व महसूस कराएगा.

राजनीति से दूर रखने की अपील
सलमान खान ने कहा कि यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है, इसलिए इसे राजनीतिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए. उनके अनुसार, इस आंदोलन का पूरा श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार भी छात्रों का पूरा सहयोग करेगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने इसे सभी पक्षों के लिए "विन-विन सिचुएशन" बताया.

भारत को एजुकेशन हब बनाने की कही बात
सलमान खान ने कहा कि शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन बननी चाहिए. उनका मानना है कि हर साल पढ़ाई का महत्व और बढ़ना चाहिए, ताकि दुनिया के दूसरे देशों के छात्र भी भारत पढ़ने आएं और भारत एक वैश्विक एजुकेशन हब के रूप में स्थापित हो सके. अंत में उन्होंने छात्रों के लिए सकारात्मक फैसले की उम्मीद जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं.


 

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