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Cannes Film Festival 2024: कान्स में होगी इन भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग, इन एक्ट्रेस का दिखेगा जलवा

14 मई से शुरू हुए 77वें Cannes Film Festival में भारतीय सिनेमा का एक मजबूत प्रतिनिधित्व प्रदर्शित किया जा रहा है. पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट' और श्याम बेनेगल की 'मंथन' का रिस्टोर्ड वर्जन जैसी फिल्में अलग-अलग केटेगरीज के लिए चुनी गई भारतीय फिल्मों में से हैं.

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Aishwarya Rai Bachchan, Aditi Rao Hydari, Sobhita Dhulipala Aishwarya Rai Bachchan, Aditi Rao Hydari, Sobhita Dhulipala

Cannes Film Festival का 77वां एडिशन पूरे जोरों पर है और हर साल की तरह, इसमें डेब्यू और वेटरन कलाकार रेड कार्पेट पर चलेंगे. इस फिल्म फेस्टिवल में भारत के कलाकार भी सुर्खियां बटोर रहे हैं. लोगों को बेसब्री से इस इवेंट का इंतजार रहता है क्योंकि कलाकारों की ड्रेसेज यहां चर्चा का विषय बनती हैं. इस साल कान्स के रेड कार्पेट पर एश्वर्या राय बच्चन के साथ-साथ नए चेहरे जैसे कियारा आडवानी नजर आएंगे. 

एश्वर्या राय बच्चन 
एश्वर्या राय बच्चन अब एक अनुभवी अभिनेत्री हैं और 2002 में पहली बार रेड कार्पेट पर चली थीं. ऐश्वर्या राय बच्चन ने हमेशा से ही अपने आउटफिट के अलग अंदाज से लोगों को हैरान किया है. एश्वर्या कान्स में साड़ी भी पहन चुकी हैं जिसे सबने पसंद किया था. 

कियारा आडवानी
रेड सी फिल्म फाउंडेशन सिनेमा में महिलाओं का जश्न मनाता है, और इसके गाला डिनर का आयोजन कान्स में वैनिटी फेयर करता है. फिल्मों में दूरदर्शी महिलाओं का जश्न मनाने के लिए, फ्रेंच रिवेरा के पास छह अद्भुत महिलाओं को उनके काम के लिए सम्मानित किया जाएगा. यह आयोजन इन चेंजमेकर्स को मान्यता देता है जिन्होंने मनोरंजन उद्योग को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और भारतीय अभिनेत्री, कियारा आडवानी उनमें से एक होंगी. 

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अदिति राव हैदरी 
अदिति राव हैदरी लोरियल पेरिस के ब्रांड एंबेसडर में से एक के रूप में इवेंट की शोभा बढ़ाएंगी. उनके पास लायनेस है, जो एक इंडो-ब्रिटिश प्रोडक्शन है. अदिति को फिलहाल Netflix की सीरिज, हीरामंडी के लिए जाना जा रहा है और दुनियाभर में उनके काम की तारीफ हो रही है. 

शोभिता धूलिपाला
शोभिता धूलिपाला एक आइसक्रीम ब्रांड का प्रतिनिधित्व करते हुए फ्रेंच रिवेरा पर कान्स फिल्म महोत्सव में भाग लेंगी. सोभिता एक भारतीय अभिनेत्री हैं जो हिंदी फिल्मों में काम करती हैं. उन्होंने फेमिना मिस इंडिया 2013 प्रतियोगिता में फेमिना मिस इंडिया अर्थ 2013 का खिताब जीता और मिस अर्थ 2013 में भारत का प्रतिनिधित्व किया. धूलिपाला ने अनुराग कश्यप की रमन राघव 2.0 (2016) से अभिनय की शुरुआत की और बाद में अमेज़ॅन प्राइम वीडियो ड्रामा सीरीज़ मेड इन हेवन (2019-2023) में मुख्य भूमिका निभाई.

इन भारतीय फिल्मों का बोलबाला
77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस साल भारतीय सिनेमा की दमदार मौजूदगी रहेगी. देश से कई फिल्मों को विभिन्न वर्गों के लिए चुना गया है, जिसमें पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट' और श्याम बेनेगल की 'मंथन' का रिस्टोर्ड एडिशन शामिल है.

ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट
लगभग 30 वर्षों के बाद कान्स फिल्म फेस्टिवल में पाल्मे डी'ओर पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली यह पहली भारतीय फिल्म है. यह कहानी किसी भी रेगुलर फिल्म से अलग है और आपको एक अलग दुनिया से मिलवाती है. 

संतोष
ब्रिटिश-भारतीय फिल्म निर्माता संध्या सूरी की फिल्म 'संतोष' को महोत्सव के अन सर्टन रिगार्ड सेक्शन के लिए चुना गया है. सूरी द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म रहस्य से घिरी हुई है. शहाना गोस्वामी ने एक युवा विधवा संतोष का किरदार निभाया है, जिसे उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्र में एक पुलिस कांस्टेबल के रूप में अपने पति की भूमिका विरासत में मिलती है. 

सनफ्लावर्स वर द फर्स्ट वन्स टू नो
FTII के छात्रों की एक फिल्म, 'सनफ्लावर वर द फर्स्ट वन्स टू नो' को 2024 कान्स फिल्म फेस्टिवल के प्रतिष्ठित ला सिनेफ कॉम्पिटिटिव सेक्शन के लिए चुना गया है. चिदानंद एस नाइक के निर्देशन में बनी इस फिल्म का दिलचस्प शीर्षक एक ऐसी फिल्म की ओर इशारा करता है जो गहरे विषयों पर आधारित है.

मंथन
महान फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल मंथन के साथ कान्स में लौटे. कान्स फिल्म महोत्सव 2024 में बेनेगल की 1976 की फिल्म 'मंथन' का रिस्टोर्ड एडिशन प्रदर्शित किया जाएगा. स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह, गिरीश कर्नाड और अमरीश पुरी अभिनीत, यह वर्गीस कुरियन के नेतृत्व वाले अग्रणी दुग्ध सहकारी आंदोलन से प्रेरित थी. 

सिस्टर मिडनाइट
करण कंधारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म का प्रीमियर डायरेक्टर्स फोर्टनाइट कान्स में होने जा रहा है. यह कान्स साइडबार के लिए चुनी गई एकमात्र भारतीय फिल्म है. इसमें राधिका आप्टे ने उमा की भूमिका निभाई है, जो एक युवा महिला है जो मुंबई की झुग्गी बस्ती में विवाहित जीवन की चुनौतियों का सामना करती है.

शेमलेस
कॉन्स्टेंटिन बोजानोव की रोमांटिक ड्रामा एक बल्गेरियाई फिल्म हो सकती है, लेकिन इसकी शूटिंग भारत में हुई थी और इसमें भारतीय कलाकार शामिल हैं. फिल्म को कान्स फिल्म फेस्टिवल 2024 के अन सर्टन रिगार्ड सेक्शन के लिए चुना गया है.

इन द रिट्रीट
ईरान में जन्मे लद्दाख के मूल निवासी मैसम अली पहले भारतीय फिल्म निर्माता हैं जिनकी फिल्म कान्स में ACID (एसोसिएशन फॉर डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ इंडिपेंडेंट सिनेमा) सेक्शन के तहत प्रदर्शित की जाएगी, जो स्वतंत्र सिनेमा को बढ़ावा देता है.

बनीहुड
भारतीय फिल्म निर्माता मानसी माहेश्वरी ने ला सिनेफ श्रेणी में स्थान हासिल किया है. मेरठ में जन्मी एनीमेशन निर्देशक ने अपनी फिल्म 'बनीहुड' से कान्स में अपनी जगह बनाई, जिसे उन्होंने लंदन में नेशनल फिल्म एंड टेलीविज़न स्कूल (एनएफटीएस) में अपने ग्रेजुएशन प्रोजेक्ट के रूप में बनाया था.