Amma Kitchen
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इन दिनों पटना की अम्मा किचन और उसे चलाने वाली देवनी देवी की चर्चा खूब हो रही है. देवनी देवी ने करीब 23 साल पहले 20 रुपए में टिफिन देने की शुरुआत की थी और आज उनका व्यापार 2 करोड़ रुपए का बन चुका है.
कुछ लड़कों के लिए टिफिन बनाने से की थी शुरुआत-
देवनी देवी बताती हैं कि उनके घर में सभी लोग सरकारी नौकरी करते हैं. वह कम पढ़ी लिखी थी. जिसकी वजह से उन्होंने कोई नौकरी नहीं मिली. लेकिन वह भी कुछ काम करना चाहती थी. अपने बच्चों के लिए खाना बनाते-बनाते देवनी देवी ने कुछ और लड़कों के लिए टिफिन बनाने की शुरुआत कर दी. इसके बाद उनका यह कारवां चलता गया. उनके साथ लोग जुड़ते गए और फिर वह सैकड़ों लोगों तक अपना टिफिन पहुंचाने लगी.
कई बार बंद हुआ काम-
देवनी देवी बताती है कि इस दौरान चार-चार बार उनका काम बंद हुआ और उन्होंने फिर से अपने काम की शुरुआत की. साल 2020 में जब कोरोना ने अपने पांव पसारे तो उनका काम पूरी तरीके से बंद पर गया था. इसके बाद 3 साल तक उनका काम बंद रहा और साल 2023 में उन्होंने क्लाउड किचन की शुरुआत की.
2 महीने बाद मिला पहला ऑर्डर-
शुरुआत करने के लगभग डेढ़ से 2 महीने तक उन्हें एक भी खाने का ऑर्डर नहीं मिला, देवनी देवी ने फिर भी हार नहीं मानी और उम्मीद की किरण जगाई रखी. तकरीबन डेढ़ महीना बीत जाने के बाद उन्हें पहले खाने का आर्डर मिला, जिसके बाद उन्होंने काफी मन से उसे खाने को बनाकर भेजा.
फिर उनकी किस्मत कुछ ऐसी चमकी कि उनके घरों के बाहर जोमैटो और स्विग्गी के राइडर्स की लाइन लगी रहने लगी. जिसकी वजह से आसपास के लोग भी काफी ज्यादा परेशान होते थे और देवनी देवी से झगड़ा भी करते थे कि ऐसा आप क्या काम करती है, जिसकी वजह से हमारे मोहल्ले में राइडर्स की लाइन लगी रहती है. इसके बाद देवनी देवी ने अपने लिए एक जगह की तलाश की और अम्मा किचन के नाम से एक रेस्टोरेंट खोल दिया. देवनी देवी बताती है कि आज उनकी रेस्टोरेंट से रोजाना जोमैटो और स्विग्गी पर तकरीबन 350 से ज्यादा ऑर्डर्स भेजे जाते है.
2 करोड़ तक का कारोबार-
आज उनका कारोबार कुछ इस तरीके से बढ़ चुका है कि उनकी कमाई डेढ़ से दो करोड रुपए के बीच पहुंच चुकी है. देवनी देवी बताती है कि उनके साथ तकरीबन 25 से 30 लोग काम करते हैं, जिसमें पांच महिलाएं और बाकी पुरुष काम करते हैं. देवनी देवी आज भी खुद उसी अंदाज में खाना बनाती हैं, जैसे वह 20 साल पहले बनती थी. देवनी देवी कहती है कि हमारे यहां एकदम घर जैसा खाना और मार्केट से सबसे सस्ता खाना मिलता है.
(अनिकेत कुमार की रिपोर्ट)
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