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पर्यटकों को थमी सांसें, 40 मीटर के दायरे में दिखाई दिए टाइगर के 2 शावक

राजस्थान के अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन गया. पर्यटकों को झाड़ियों में 40 मीटर के दायरे में 2 शावक दिखाई दिए. टाइगर को इतने करीब से देखने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.

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Sariska Tiger Reserve Sariska Tiger Reserve

राजस्थान के अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में मंगलवार को ग्वालियर से आए पर्यटकों को जंगल में टाइगर साइटिंग का रोमांचक अनुभव मिला. ढूंढ इलाके में सफारी के दौरान पर्यटकों को टाइगर ST-19 के दो नर शावक नजर आए. दोनों शावक करीब 40 मीटर के दायरे में, लेकिन अलग-अलग लोकेशन पर दिखाई दिए. घने जंगल और झाड़ियों के बीच अचानक शावकों को देखकर ग्वालियर से आए पर्यटक रोमांचित हो उठे. सरिस्का के बफर क्षेत्र में ST-19 और उसके शावकों की मौजूदगी पहले भी दर्ज होती रही है.

सांभर की लोकेशन से ट्रेस हुई टाइगर की मौजूदगी-
पर्यावरण प्रेमी एवं पर्यावरणविद् चिन्मय मैसी ने बताया कि उनके गेस्ट मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सरिस्का घूमने आए थे. सफारी के दौरान ढूंढ क्षेत्र में सांभर की लोकेशन मिली. इसी आधार पर टाइगर की मौजूदगी को ट्रेस किया गया तो घनी झाड़ियों के बीच ST-19 के दो शावक नजर आए. शावकों की उम्र करीब डेढ़ साल आंकी गई. दोनों एक-दूसरे से कुछ दूरी पर थे, लेकिन लगभग 40 मीटर की रेंज में ही उनकी मौजूदगी बनी हुई थी.

घनी झाड़ियों में दिखे नर शावक-
चिन्मय मैसी के अनुसार, घने जंगल और झाड़ियों के बीच एक नर शावक भी दिखाई दिया. जब उससे संवाद करने का प्रयास किया गया तो शावक गुर्राने लगा. इसके जवाब में भी आवाज दी गई. मैसी के मुताबिक, कुछ क्षणों के लिए शावक का व्यवहार उन्हें फ्रेंडली जैसा महसूस हुआ, हालांकि वन्यजीवों के साथ दूरी और सावधानी बनाए रखना बेहद जरूरी है.

पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव-
सरिस्का का बफर क्षेत्र टाइगरों के लिए महत्वपूर्ण आवास और मूवमेंट क्षेत्र है. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार सरिस्का टाइगर रिजर्व का बफर क्षेत्र 332.23 वर्ग किलोमीटर है और इसका उद्देश्य टाइगर सहित वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी एवं आवास उपलब्ध कराना भी है. एक ही सफारी में दो शावकों की नजदीकी साइटिंग ने ग्वालियर से आए पर्यटकों के सरिस्का सफारी के अनुभव को यादगार बना दिया.

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