प्रतीकात्मक तस्वीर (रॉयटर्स)
प्रतीकात्मक तस्वीर (रॉयटर्स)
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अलग-अलग एक्सपोर्ट योजनाओं के तहत निर्यातकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है.इस योजना के तहत 45,000 से ज्यादा निर्यातकों को लाभ पहुंचेगा. इनमें लगभग 98 फीसदी सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्ग के निर्यातक शामिल हैं.
मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान ही करीब 56,027 करोड़ रुपये का पेंडिंग टैक्स रिफंड जारी किया जाएगा. वाणिज्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को ऐलान किया था कि सरकार अलग-अलग निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के तहत पेडिंग 56,027 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड 45,000 से अधिक निर्यातकों को वितरित करेगी.
भारत में एक्सपोर्ट में हाल के महीनों में जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है. अप्रैल-अगस्त, 2021 के लिए मर्केन्डाइज एक्सपोर्ट करीब 164 बिलियन डॉलर था जो वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में 67 प्रतिशत. वहीं 2019-20 की तुलना में यह 23 फीसदी ज्यादा था. इसी वित्त वर्ष के अंदर सभी पेंडिंग एक्सपोर्ट प्रोत्साहनों को मंजूरी दिए जाने से आगे आने वाले महीनों के दौरान और अधिक तेजी से निर्यातों में बढ़ोतरी की सरकार ने उम्मीद जताई है.
इन क्षेत्रों को भी मिलेगा लाभ
व्यापारिक एक्सपोर्ट के लिए, एमईआईएस के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्र, जैसे फार्मास्यूटिकल्स, लोहा और इस्पात, इंजीनियरिंग, रसायन, मत्स्य पालन, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, और ऑटो उद्योग, पिछले वर्षों में किए गए एक्सपोर्ट्स के बेनिफिट क्लेम कर सकेंगे. इन बेनिफिट्स के जरिए कैश फ्लो बना रहेगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक्सपोर्ट्स की मांग पूरी करने में मददगार होगा. इस वित्तीय वर्ष में तेजी से एक्सपोर्ट्स का दायरा भी बढ़ता नजर आ रहा है.
नए रोजगार के लिए मिलेंगे अवसर
यात्रा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों से जुड़े एक्सपोर्ट्स भी वित्त वर्ष 2019-20 के लिए SEIS क्लेम कर सकेंगे, जिनके लिए 2,061 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एसईआईएस के लिए सेवा वर्गों और दरों में कुछ विशेष संशोधनों को नोटिफाई किया जा रहा है. माना जा रहा है कि इस मददे के जरिए तेजी से चीजों में सुधार आएगा और रोजगार सृजन के अवसर पैदा होंगे.
31 दिसंबर तक भरनी होंगी डिटेल्स
एक्सपोर्ट्स को सभी एक्सपोर्ट के बारे में 31 दिसंबर तक विवरण सौंपने होंगे. अगर इस डेट तक सारे विवरण नहीं सौंपे जाएंगे तो टाइम बार्ड का प्रावधान भी लागू हो सकता है. एमईआईएस तथा अन्य स्क्रिप से संबंधित एप्लीकेशन को स्वीकार करने के लिए जल्द ही ऑनलाइन आईटी पोर्टल को एक्टिव किया जाएगा. महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था और सभी पेंडिंग एक्सपोर्ट्स को अनुमति देने के लिए केंद्र सरकार ने यह फैसला किया है.