दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस के बदल गए हैं नियम
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस के बदल गए हैं नियम
दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद (एसी) की 1026वीं बैठक आज कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में पढ़ाई, नए कोर्स, मेडिकल शिक्षा और विदेशी पढ़ाई के अवसरों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. इन फैसलों का मकसद विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाना है.
एनईपी 2020 के तहत अब दिल्ली विश्वविद्यालय में एक वर्षीय स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है. यह नए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के आधार पर होगा. इसमें दर्शनशास्त्र, पंजाबी, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, कंप्यूटर साइंस और हिंदी पत्रकारिता जैसे विषय शामिल होंगे. दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म के मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन को भी मंजूरी मिली है.
शोध और जर्नल्स पर नया निर्देश
बैठक में यह बात सामने आई कि कई विभागों में अच्छे रिसर्च जर्नल्स की कमी है. इस पर कुलपति ने सभी विभागों से कहा है कि वे अपने विषय के 20 सबसे अच्छे जर्नल्स की सूची 30 दिनों के अंदर जमा करें. साथ ही जर्नल्स को जांचने और उनकी रैंक तय करने के नियम भी बनाने को कहा गया है.
मेडिकल और शिक्षा के नए कोर्स
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में बच्चों की किडनी से जुड़े डीएम कोर्स को मंजूरी दी गई है. इसमें हर साल 2 सीटें होंगी. मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मेडिकल जेनेटिक्स का डीएम कोर्स शुरू किया जाएगा, इसमें भी 2 सीटें होंगी. महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन में 2026-27 से 50 सीटों वाला एम.एड. कोर्स शुरू करने की मंजूरी दी गई है, लेकिन इसके लिए जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी.
एसओएल और सीओएल में नए कोर्स
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) और सेंटर फॉर ओपन लर्निंग (सीओएल) में 2027-28 से कई नए कोर्स शुरू किए जाएंगे. इनमें एमए अंग्रेजी, बीए ऑनर्स मल्टीमीडिया और जनसंचार, ऑनलाइन बीकॉम, एमबीए और कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स शामिल हैं. साथ ही जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, चीनी, जापानी और रूसी जैसी विदेशी भाषाएं भी सिखाई जाएंगी.
विदेशी पढ़ाई का नया मौका
छात्रों को अब एक नया मौका मिलेगा, जिसे सेमेस्टर अवे प्रोग्राम कहा जा रहा है. इसके तहत छात्र अपनी पढ़ाई का एक सेमेस्टर किसी विदेशी विश्वविद्यालय में कर सकेंगे. वहां के अंक उनकी डिग्री में जोड़ दिए जाएंगे. कुलपति ने कहा कि ये सभी फैसले अभी शुरुआती मंजूरी हैं. इन्हें लागू करने से पहले पूरी तैयारी की जाएगी. इन बदलावों से छात्रों को बेहतर शिक्षा और नए अवसर मिलने की उम्मीद है.
रिपोर्टर: अनमोल नाथ बाली
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