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Diwali Bonus: इस दीपावली सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 7000 की जगह 21000 रुपए मिल सकता है दिवाली बोनस, रिवाइज्ड बोनस को लेकर बड़ा अपडेट  

Central Government Employees Bonus: इस दीपावली पर केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. दिवाली बोनस तीन गुना मिल सकता है. कर्मचारी संगठनों ने सरकार से रिवाइज्ड बोनस देने की मांग की है. बोनस के कैलकुलेशन की मौजूदा 7000 रुपए की लिमिट को बढ़ाकर 21000 रुपए करने की मांग की है. यदि सरकार इस मांग को मान लेती है तो कर्मचारियों की सैलरी के साथ-साथ इस बार दिवाली बोनस में बंपर इजाफा देखने को मिल सकता है.

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Government Employees Revised Diwali Bonus: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज है. इस दिवाली उन्हें सैलरी के साथ बंपर बोनस मिल सकता है. दरअसल, कर्मचारी संगठनों ने सरकार से रिवाइज्ड बोनस देने की मांग की है.

इस संबंध में कर्मचारी पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है. NC-JCM ने बोनस के कैलकुलेशन की मौजूदा 7000 रुपए की लिमिट को बढ़ाकर 21000 रुपए करने की मांग की है. यदि सरकार इस मांग को मान लेती है तो कर्मचारियों का दिवाली बोनस करीब 14000 रुपए बढ़ सकता है और उनके बैंक खाते में 21000 रुपए बोनस के रूप में आ सकते हैं. इस तरह से कर्मचारियों को तीन गुना अधिक बोनस मिल सकता है. हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इस बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. कर्मचारी यूनियनों को उम्मीद है कि सरकार इस दिवाली से पहले संशोधित बोनस आदेश जारी कर कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देगी.

इतना वेतन पाने वाले कर्मचारी होंगे बोनस के हकदार
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी ने अपने पत्र में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी उस अधिसूचना का हवाला दिया गया है, जिसमें बोनस पात्रता की सीमा बढ़ाई गई है. कोड ऑन वेजेस 2019 की धारा 26(1) के तहत जारी अधिसूचना S.O. 4711(E) के मुताबिक 21000 रुपए प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी बोनस के हकदार होंगे.

इस नियम को 21 नवंबर 2025 से बैकडेट में लागू माना गया है. कैबिनेट सचिव को 27 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र में NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि जब केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी का स्तर 21000 रुपए तक माना जा रहा है तो बोनस की कैलकुलेशन भी कम से कम इसी अमाउंट पर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि दशहरा से पहले सरकार रिवाइज्ड बोनस को लेकर जरूरी आदेश जारी करे.

कितना मिलता है अभी बोनस 
आपको मालूम हो कि केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल दिवाली के आसपास 1 महीने के बराबर नॉन प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Ad-hoc Bonus) दिया जाता है. इस बोनस का कैलकुलेशन अभी 7000 रुपए की अधिकतम वेतन लिमिट के आधार पर किया जाता है. बोनस निकालने के लिए 30.4 औसत दिनों का फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. 

मौजूदा कैलकुलेशन पर ऐसे तय होता है बोनस 

  • 7000 रुपए ÷ 30.4 × 30 = 6908 रुपए.
  • इस तरह से पात्र कर्मचारी को 6908 रुपए का बोनस मिल सकता है.

21000 रुपए की लिमिट मंजूर होने पर 

  • यदि सरकार बोनस कैलकुलेशन की लिमिट 7000 रुपए से बढ़ाकर 21000 रुपए कर देती है तो कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार होगा.
  • 21000 रुपए ÷ 30.4 × 30 = 20724 रुपए.
  • इस तरह से बोनस करीब 20724 रुपए हो जाएगा.

बोनस लिमिट है बहुत कम 
NC-JCM के मुताबिक मौजूदा बोनस लिमिट आज की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई के मुकाबले बहुत ही कम है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब सरकार अप्रैल 2026 में अलग-अलग केटेगरी के कामगारों के लिए 783 रुपए से 1035 रुपए प्रतिदिन तक की न्यूनतम मजदूरी तय की है तो बोनस की कैलकुलेशन सिर्फ 7000 रुपए की लिमिट पर करना उचित नहीं है.

ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि 10 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों को सिर्फ 6908 रुपए का नॉन-प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जा रहा है. सरकार द्वारा तय न्यूनतम दैनिक मजदूरी की दरों के औसत के आधार पर कर्मचारियों को वास्तव में 27694 रुपए तक का बोनस मिलना चाहिए. आपको मालूम हो कि कर्मचारी संगठनों की तरफ से 8वें वेतन आयोग के सामने भी बोनस बढ़ाने का मुद्दा उठाया गया है. ऑल इंडिया न्यू पेंशनल स्कीम इम्पलॉयीज फेडरेशन (AINSPEF) ने 26941 रुपए बोनस का सुझाव दिया है.