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इंडिया टुडे के मंच से गडकरी ने दी गुड न्यूज! कहा- सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए होगा एक ही चार्जर

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में इलेक्ट्रिक वीइकल्स लाने और इसके साथ आने वाली चुनौतियों और अवसर पर बात की. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का उपयोग करके भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र अगले पांच वर्षों में दुनिया में नंबर -1 बन सकता है.

नितिन गडकरी ने भारत में इलेक्ट्रिक वीइकल्स लाने और इसके साथ आने वाली चुनौतियों और अवसर पर बात की. नितिन गडकरी ने भारत में इलेक्ट्रिक वीइकल्स लाने और इसके साथ आने वाली चुनौतियों और अवसर पर बात की.
हाइलाइट्स
  • टेस्ला कंपनी चीन में उत्पादन करने के बजाय भारत में अपने वाहनों का निर्माण करेगी

  • भारत आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बैटरी का निर्यात करेगा.

  • ऑटो मोबाइल सेक्टर से 5 करोड़ लोगों को मिला रोजगार

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के 19वें संस्करण में हिस्सा लेते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में इलेक्ट्रिक वीइकल्स लाने और इसके साथ आने वाली चुनौतियों और अवसर पर बात की. केंद्रीय मंत्री  ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का उपयोग करके भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र अगले पांच वर्षों में दुनिया में नंबर -1 बन सकता है.

नितिन गडकरी ने शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2021 में कहा, "मुझे विश्वास है कि हम पांच साल के भीतर वैकल्पिक ईंधन और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके दुनिया में नंबर एक बनने जा रहे हैं. दुनिया भर के सभी प्रतिष्ठित ब्रांड भारत में हैं और ऑटोमोबाइल सेक्टर को दुनिया में नंबर एक बनाना मेरा सपना है."

प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या

प्रदूषण के मुद्दे पर बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि आज हमारे देश में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है. भारत के ज्यादातर लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाने पर मोटी रकम खर्च करते हैं. उन्होंने कहा, "इस समय सबसे महत्वपूर्ण समस्या, जिसका हमारा देश सामना कर रहा है वह प्रदूषण और अर्थव्यवस्था से संबंधित समस्या है. पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल से हम वायु प्रदूषण पैदा कर रहे हैं. आज हमें अपने देश को वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से बचाने की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि पेट्रोल और डीजल का प्रयोग बंद हो और ग्रीन हाइड्रोजन के प्रयोग में हम वर्ल्ड लीडर बने.

ऑटो मोबाइल सेक्टर से 5 करोड़ लोगों को मिला रोजगार

उन्होंने आगे कहा, हम लोग पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का इस्तेमाल करके देश में प्रदूषण फैला रहे हैं. हमें इसे रोकना बेहद जरूरी है. हमारे लिए ऑटो मोबाइल सेक्टर बेहद महत्वपूर्ण है. वर्तमान में इस सेक्टर का टर्न ओवर 7.5 लाख करोड़ है. जीडीपी में इसका योगदान 7.1 प्रतिशत है. यह देश का नंबर वन सेक्टर है जो 5 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा रहा है.

इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ी ब्रिक्री

नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाला दौर इलेक्ट्र‍िक गाड़‍ियों का होगा. उन्होंने कहा कि सभी इलेक्ट्र‍िक गाड़‍ियों के ल‍िए एक ही चार्जर होगा. गडकरी ने बताया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ब्रिक्री पिछले साल की तुलना में वैश्विक स्तर पर 140 प्रतिशत बढ़ी है. यह भारत के लिए भी कई सारी संभावनाए लेकर आएगी. इसको और विस्तृत करते हुए उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल से एक किलोमीटर की दूरी तय करने पर दस रुपये का खर्चा आता है, जबकि डीजल की गाड़ी इसी दूरी को तय करने में आठ रुपये का खर्चा आता है. वहीं अगर आप इलेक्ट्रिक गाड़ी से एक किलोमीटर जाएंगे तो आपको एक रुपये खर्च करने होंगे. आने वाले समय में 30 प्रतिशत प्राइवेट कार इलेक्ट्रिक होंगी.’

भारत करेगा इलेक्ट्रिक बैटरी का निर्यात

आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों और देश में इसकी पैठ पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत का आत्मनिर्भर कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है और इलेक्ट्रिक बैटरी का स्थानीय उत्पादन जल्द ही एक वास्तविकता होगी. भारत आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बैटरी का निर्यात करेगा. यह अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता को देश में अपना व्यवसाय स्थापित करने में एक बड़ा बढ़ावा देने में मदद करेगा और दुनिया के पांचवें सबसे बड़े ऑटो बाजार में अपने वाहनों की कीमत तय करने में भी मदद करेगा.

भारत में वाहन बनाएगा टेस्ला

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनके मंत्रालय ने टेस्ला कंपनी से संपर्क किया और चीन में उत्पादन करने और फिर उसे देश में निर्यात करने के बजाय भारत में अपने वाहनों का निर्माण करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा, "हमने टेस्ला से कहा है कि वह चीन से वाहन लाने के बजाय अपनी तकनीक और विशेषज्ञता हमारे पास लाए और भारत में एक इको-सिस्टम बनाने में मदद करे. भारत एक बहुत बड़ा बाजार है और इलेक्ट्रिक वाहनों की भी मांग है, इसे देखते हुए हमारी सरकार हर संभव मदद करेगी.”