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कपास-मूंगफली छोड़ जामनगर के इस गांव ने अपनाई फूलों की खेती, सलाना कमा रहे 1 से 1.5 लाख रुपए

ये कहानी उन किसानों की सफलता पर आधारित है, जिन्होंने कपास और मूंगफली जैसी पारंपरिक फसलों को छोड़कर फूलों की खेती को अपनाया है. गांव के करीब 50 से 60 किसान कम जमीन में गेंदा और गुलाब जैसे फूलों की खेती कर सालाना मुनाफा कमा रहे हैं.

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फूलों की खुशबू से महकता हुआ यह गांव जामनगर जिले का मोखाणा है. यहां के किसानों ने पारंपरिक खेती से हटकर फूलों की खेती को अपनाया है और कम जमीन में अधिक मुनाफा कमाने में सफलता हासिल की है. गांव के लगभग 50 से 60 किसान अपने खेतों में रंग-बिरंगे फूलों की खेती कर रहे हैं. कई किसानों के लिए यह खेती किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है. हालांकि, इन दिनों बढ़ती गर्मी और मौसम में आए बदलाव के कारण फूलों के उत्पादन पर असर देखने को मिल रहा है.

कम जमीन में बेहतर कमाई का जरिया
जामनगर जिले के मोखाणा गांव में कम जमीन रखने वाले किसानों के लिए फूलों की खेती आय का एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है. किसानों का कहना है कि मूंगफली और कपास जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में फूलों की खेती कम क्षेत्र में भी अच्छी उपज और बेहतर आमदनी देती है. यही कारण है कि गांव के किसान अब धीरे-धीरे पारंपरिक खेती छोड़कर फूलों की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

गेंदा और गुलाब की खेती से बढ़ी आमदनी
खेतों में गेंदा, गुलाब और अन्य सजावटी फूलों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है. फूलों की खेती से किसानों को नियमित आय मिलने लगी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है. कम लागत और बेहतर मुनाफे के कारण यह खेती किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

सालभर बनी रहती है फूलों की मांग
किसानों के अनुसार, फूलों की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है, जिससे उन्हें बाजार में उचित मूल्य मिल जाता है. त्योहारों, विवाह समारोहों, धार्मिक आयोजनों और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान फूलों की मांग और अधिक बढ़ जाती है. ऐसे समय में किसानों को सामान्य दिनों की तुलना में बेहतर भाव प्राप्त होते हैं.

एक से डेढ़ लाख रुपए तक की सालाना आय
मोखाणा गांव के एक किसान को फूलों की खेती से सालाना औसतन एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक की आय हो जाती है. यही वजह है कि गांव के कई किसान इस खेती को लाभदायक मान रहे हैं और इसकी ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. हालांकि, इस समय बढ़ती गर्मी और मौसम में आए बदलाव का असर फूलों की फसल पर पड़ रहा है. तापमान बढ़ने से फूलों का उत्पादन घटा है, जिससे किसानों की आय भी प्रभावित हुई है. इसके बावजूद कम जमीन में अधिक मुनाफा देने वाली फूलों की खेती मोखाणा गांव के किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो रही है और भविष्य में इसके विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं.

(रिपोर्ट- दर्शन ठक्कर)

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