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कन्नौज के इत्र कारोबार को सरकार का बड़ा सहारा, ODOP योजना से छोटे व्यापारियों की चमकी किस्मत

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत कन्नौज के मुख्य उत्पाद के रूप में इत्र उद्योग का चयन किया है. इस योजना का उद्देश्य छोटे और पारंपरिक इत्र कारोबारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना और अधिक लोगों को इस उद्योग से जोड़ना है.

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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जनपद एक उत्पाद के तहत कन्नौज के मुख्य इत्र व्यापार को चयनित किया गया. जिसका मुख्य उद्देश्य है कि वैश्विक पटल पर इत्र के छोटे कारोबारी की पहुंच बनाना और इत्र उत्पाद में अधिक लोगों को जोड़ना. उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना से कन्नौज में इत्र के नए एवं छोटे कारोबारी को बहुत फायदा मिल रहा है. उनका कहना है कि वैश्विक पटल पर हमारे इत्र उत्पादों को एक पहचान मिल रही है तो वह समय-समय पर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से हमारे व्यापार को फायदा हो रहा है.

बताते चलें कि, कन्नौज का इत्र सदियों पुराना है और इसकी कन्नौज में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी एक अलग ही पहचान है. यहां का इत्र गल्फ कंट्रीयों से लेकर अन्य कई देशों में जाता है. यहां पर बनाए जाने वाले इत्र गुलाब, मिट्टी, बेला, खस, मेहंदी, शामांमा, अगर, ऊद, आदि की मांग अंतरराष्ट्रीय मार्केट में खूब है. वही जब से एक जनपद एक उत्पाद की कन्नौज जिले में शुरुआत हुई है तब से अभी तक करीब 143 लोगों इससे लाभान्वित हुए हैं जिनमें 43 महिलाएं भी है. जिनका कुल 94.99 लख रुपए का मार्जिन मनी का अनुदान मिला है.

छोटे कारोबारी को मिल रही है वैश्विक पहचान-
कन्नौज के इत्र कारोबारी द्वारा प्राकृतिक फूलों और वनस्पतियों और जड़ी बूटियों के साथ-साथ यहां की मिट्टी के द्वारा बनाए जा रहे इत्र की सुगंध को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है. जिससे इत्र के छोटे कारोबारी भी अब बिना जोखिम उठाये आसानी से इत्र व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं.

मिल रही आर्थिक मदद-
छोटे और इत्र व्यापार में नए कारोबारियों और पारंपरिक इत्र कारोबारियों को व्यवसाय बढ़ाने के लिए एक जनपद एक उत्पाद के तहत बैंकों के माध्यम से आसान ऋण और मार्जिन मनी की सुविधा का जहां कारोबारी फायदा उठा रहे हैं. जब से एक जनपद एक उत्पाद की कन्नौज जिले में शुरुआत हुई है तब से अभी तक करीब 143 लोगों इससे लाभान्वित हुए हैं जिनमे 43 महिलाएं भी है. जिनका कुल 94.99 लख रुपए का मार्जिन मनी का अनुदान मिला है.

प्रशिक्षण और टूल किट योजना-
इस योजना के अंतर्गत करीब 1275 लाभार्थियों ने इत्र और अगरबत्ती में प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इन सभी को जिला प्रशासन की तरफ से टूल किट भी वितरण कराई गई. इनमें करीब 544 महिलाएं भी हैं जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर टूलकिट को प्राप्त किया.

मार्केटिंग और प्रदर्शनियां से मिल रही प्रोडक्ट को वैश्विक पहचान-
छोटे और मध्यम इत्र कारोबारी को बड़े मेलों और प्रदर्शनियों में कम लागत पर स्टॉल उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर मिलते हैं. इससे उन्हें वैश्विक मार्केट में अपनी पहचान बनाने का बेहतर मौका मिलता है, साथ ही सरकार भी उनके प्रोडक्ट को प्रोत्साहन देती है जिससे नए इत्र कारोबारी को इससे बहुत फायदा मिलता है. उनमें व्यापार में जोखिम उठाने का डर नहीं रहता है. बताते चलें की प्रदेश और प्रदेश से बाहर होने वाले प्रदर्शनी और मेला में 17 इत्र कारोबारी जिनमें 7 ओडीओपी के अंतर्गत महिलाओं को प्रतिभाग कराकर उनके उच्च कोटि के प्रोडक्ट का प्रचार प्रसार एवं बिक्री करने के लिए सहायता तथा अनुदान प्राप्त कराया गया.  

इत्र पार्क का निर्माण-
इत्र कारोबार के आधुनिकीकरण और वैश्विक पटल पर इत्र की पहचान के लिए कन्नौज में विशेष रूप से कन्नौज के ठठिया कस्बे में लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे इत्र पार्क (Perfume Park) का निर्माण किया गया है. जहां पर जिला प्रशासन द्वारा इत्र कारोबारियो को जगह मुहैया कर उन्हें यूनिट लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. जिससे सुगमता से अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इत्र का जुड़ाव बना रहे.

इत्र व्यापार से जुड़े जहां तमाम लोगों को इस योजना के तहत भरपूर फायदा मिल रहा है तो वही नए कारोबारी के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित हो रही है.

कारोबार को आगे बढ़ाने का मिला मौका- महिला कारोबारी
एक जनपद एक उत्पाद के तहत फायदा उठाने वाली एकमात्र महिला इत्र उद्यमी नीरजा का कहना है कि यह योजना यात्री कारोबारों के लिए एक सकारात्मक साबित हो रही है. सरकार ने जो यह योजना लॉन्च की है. इससे कारोबार को आगे बढ़ाने में बड़ा फायदा मिल रहा है. इसमें सरकार समय-समय पर जो प्रदर्शनी और मेल करवाती है, उससे हम लोगों को बहुत फायदा मिलता है. वही उनका कहना है कि लोन के जरिए जो नए कारोबारी है वह अपने व्यापार को काफी आगे बढ़ा रहे हैं जिससे उनको अच्छा फायदा मिल रहा है. वही उनका कहना है कि करीब कई वर्षों से वह इस व्यापार से जुड़ी हुई है और उनको आर्थिक रूप से एक अच्छा फायदा मिल रहा है. वही रोजगार देने के मामले में उन्होंने कहा कि अभी कुछ बहाने उनके साथ जुड़ी हुई है जो उनके साथ मिलकर काम कर रही है और उनको भी आर्थिक रूप से इसका फायदा मिल रहा है. वही नीरजा का कहना है कि वह चाहती है कि इस व्यापार में और भी बेटियों और बहाने आए जिससे आर्थिक रूप से वह सवाल बन सके.

3 हजार लोग इत्र कारोबार से जुड़े- अभिनव गुप्ता
वही एक जनपद एक उत्पाद के जरिए फायदा उठाने वाले इत्र कारोबारी अभिनय गुप्ता बताते हैं कि यहां करीब ढाई से 3 हजार लोग हैं, जो इत्र कारोबार से जुड़े हैं. यहां की जो मूल जीविका का साधन और इत्र और सुगंध से जुड़ी हुई चीज ही हैं. सरकार द्वारा इस योजना से मिलने से हम लोगों को मार्केटिंग में बहुत लाभ मिल रहा है. इसका अभी तक रॉ मटेरियल में ही प्रयोग होता था. अब इसकी पैकिंग के जरिए हम लोगों को वैश्विक मार्केट बेस की एक अलग पहचान मिल रही है. जिस रोजगार और आर्थिक सम्पन्नता बढ़ रही है. उनका कहना है कि उन्हें 5 लाख का लोन लेकर इसकी शुरुआत की थी सरकार ने हम लोगों कि बहुत सहायता की. जिससे इत्र कारोबार को उठाने में बड़ी मदद मिली. आमदनी के मामले में इनका कहना है कि इस योजना से डायरेक्ट करीब 30 परसेंट उनको फायदा हुआ है. कोरोना के समय जहां इत्र व्यापार धीमा पड़ गया था तो वही यह योजना अब इत्र कारोबारी के लिए बूस्टर साबित हो रही है.

प्रोडक्ट के लिए एक साथ कई मंच मिलते हैं- ब्रजेश कुशवाहा 
वहीं, कारोबारी ब्रजेश कुशवाहा बताते हैं कि एक जनपद एक उत्पाद के जरिए हम लोगों को सबसे बड़ा फायदा यह मिला है कि हम लोगों के प्रोडक्ट इंस्टॉल प्राप्त होते हैं तो वहीं कई मंच मिलते हैं. जहां हम लोग अपने प्रोडक्ट को ले जाकर डिस्प्ले करते हैं तो वहां हमको रिटेल और होलसेल कई वायर मिलते हैं. हमारी डिमांड बढ़ती है और उत्तर प्रदेश सरकार अलग-अलग कारोबारियों से गिफ्ट के लिए खरीद कर हम लोगों को प्रोत्साहित करती है. इससे हमारे प्रोडक्ट की गुणवत्ता बढ़ती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है.

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