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देश में पहली बार आयोजित हो रहा है खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, 3000 जनजातीय खिलाड़ियों को मिलेगा कौशल दिखाने का मंच

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन करेंगे, जिसमें देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 3000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं. छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर को इस मेगा इवेंट का केंद्र बनाया गया है.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन

देश में पहली बार आयोजित होने जा रहा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स, जिसका शुभारंभ कल से होगा. यह आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा मंच मिलने जा रहा है. कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे.

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताई तैयारियों की रूपरेखा
आयोजन को लेकर हुई प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी तैयारियों और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा शेयर की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और खेल विभाग मिलकर सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रतिभागियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलें और पूरा आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो.

रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में बांटा गया खेलों का आयोजन
इस मेगा इवेंट के लिए छत्तीसगढ़ के तीन बड़े शहरों को केंद्र बनाया गया है. रायपुर में हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे प्रमुख खेल आयोजित होंगे. जगदलपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं होंगी. जबकि अंबिकापुर को कुश्ती प्रतियोगिताओं का केंद्र बनाया गया है. यह विभाजन न केवल खेल आयोजन को व्यवस्थित करेगा, बल्कि इन शहरों में खेलों की ऊर्जा और उत्साह भी बढ़ाएगा.

3000 जनजातीय खिलाड़ी होंगे हिस्सा
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का सबसे बड़ा आकर्षण है, देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आने वाले लगभग 3000 जनजातीय खिलाड़ी. यह बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय प्रतिभा को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

इस आयोजन की एक और खासियत यह है कि मुख्य खेलों के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. डेमो गेम्स के रूप में कबड्डी और मलखंब को शामिल किया गया है. यह जनजातीय संस्कृति की पहचान और पारंपरिक खेलों की ताकत को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

छत्तीसगढ़ की ओर से 164 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे
मेजबान राज्य छत्तीसगढ़ की ओर से कुल 164 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. इनमें 86 पुरुष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं. इतनी बड़ी टीम की मौजूदगी न केवल राज्य की खेल संस्कृति को मजबूत बनाएगी, बल्कि यहां के जनजातीय युवाओं का मनोबल भी बढ़ाएगी.

यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जनजातीय युवाओं के सशक्तिकरण का मंच है. यहां प्रतिभागियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने, कुछ नया सीखने और देशभर के खिलाड़ियों से जुड़ने का शानदार अवसर मिलेगा.

(रिपोर्ट- महेंद्र नामदेव)
 

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