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HYROX दिल्ली 2026 में कोटा का दम, प्रो कैटेगरी में इतिहास रचने वाले पहले खिलाड़ी बने भूपेश मालव और अंकुश वर्मा

प्रतियोगिता में अंकुश छाबड़ा और विपुल गर्ग ने पुरुष डबल्स वर्ग में शानदार तालमेल और दमदार प्रदर्शन करते हुए रेस सफलतापूर्वक पूरी की. वहीं सौरभ खटाना ने ओपन पुरुष वर्ग में अपनी फिटनेस और सहनशक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चुनौतीपूर्ण रेस को पूरा किया.

Bhupesh Malav and Ankush Verma became the first players to make history in the category Bhupesh Malav and Ankush Verma became the first players to make history in the category

अंतरराष्ट्रीय फिटनेस जगत की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता HYROX दिल्ली एडिशन 2026 में कोटा के छह खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है. इस फिटनेस रेस को सफलतापूर्वक पूरा कर सभी खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि कोटा अब केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि फिटनेस के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है.

इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि भूपेश मालव और अंकुश वर्मा के नाम रही. दोनों ने HYROX की चुनौतीपूर्ण प्रो कैटेगरी सफलतापूर्वक पूरी कर इतिहास रच दिया. वे कोटा शहर के पहले दो पुरुष एथलीट बन गए जिन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रो वर्ग की रेस पूरी की. यह उपलब्धि इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि भूपेश मालव वर्तमान में कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) में वरिष्ठ नगर नियोजक के पद पर कार्यरत हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ फिटनेस के प्रति उनका समर्पण युवाओं के लिए मिसाल बन गया है.

प्रतियोगिता में अंकुश छाबड़ा और विपुल गर्ग ने पुरुष डबल्स वर्ग में शानदार तालमेल और दमदार प्रदर्शन करते हुए रेस सफलतापूर्वक पूरी की. वहीं सौरभ खटाना ने ओपन पुरुष वर्ग में अपनी फिटनेस और सहनशक्ति का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चुनौतीपूर्ण रेस को पूरा किया.

श्वेता मेड़तवाल की ऐतिहासिक उपलब्धि
महिला वर्ग में श्वेता मेड़तवाल ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए ओपन महिला कैटेगरी में HYROX रेस सफलतापूर्वक पूरी की. इसके साथ ही वह कोटा शहर की पहली महिला एथलीट बन गईं जिन्होंने इस श्रेणी में यह मुकाम हासिल किया. उनकी सफलता शहर की महिला खिलाड़ियों और फिटनेस प्रेमियों के लिए नई प्रेरणा बनकर उभरी है.

HYROX को दुनिया की सबसे तेजी से लोकप्रिय हो रही फिटनेस प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2017 में जर्मनी से हुई थी. प्रतियोगिता का प्रारूप बेहद चुनौतीपूर्ण है, जिसमें प्रतिभागियों को 1 किलोमीटर दौड़ के बाद एक फंक्शनल वर्कआउट स्टेशन पूरा करना होता है. यह क्रम कुल 8 बार दोहराया जाता है. इस दौरान प्रतिभागी 8 किलोमीटर दौड़ के साथ 8 कठिन वर्कआउट पूरे करते हैं. यही कारण है कि HYROX को शक्ति, सहनशक्ति, गति और मानसिक दृढ़ता की वास्तविक परीक्षा माना जाता है.

कोटा के खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है. प्रो कैटेगरी में भूपेश मालव और अंकुश वर्मा तथा महिला वर्ग में श्वेता मेड़तवाल की ऐतिहासिक सफलता ने यह संदेश दिया है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है. इन खिलाड़ियों की उपलब्धि आने वाले समय में शहर के युवाओं को फिटनेस अपनाने और बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करेगी.

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