Prakash Reunites with Family
Prakash Reunites with Family
कहते हैं कि अपनों से मिलने की उम्मीद कभी खत्म नहीं होती. कुछ ऐसा ही भावुक कर देने वाला मामला राजसमंद जिले की आमेट तहसील के सेंगनवास गांव में सामने आया, जहां 24 साल पहले परिवार से बिछड़ा प्रकाश नायक आखिरकार अपने परिजनों से मिल गया. वर्षों से बेटे की राह देख रही मां सोहनी देवी की आंखों से मिलन के समय आंसू छलक पड़े, वहीं प्रकाश भी अपने परिवार से मिलकर भावुक हो गया. इस पुनर्मिलन से पूरे परिवार में खुशियां लौट आईं.
12 साल की उम्र में परिवार से बिछड़ गया था प्रकाश
सेंगनवास निवासी मांगीलाल नायक के सात पुत्रों में प्रकाश तीसरे नंबर का है. करीब 24 साल पहले, जब प्रकाश महज 12 साल का था, वह अपने पिता मांगीलाल और गांव के आसुनाथ के साथ मजदूरी करने मुंबई गया था. वहां कुछ समय तक वह पिता के साथ रहा, लेकिन करीब छह महीने बाद वह उनसे बिछड़ गया. पिता ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर गांव लौट आए. परिवार ने मुंबई और आमेट में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक प्रकाश का पता नहीं चल पाया.
बिहार में मिला सुराग, शुरू हुई अपनों को मिलाने की कोशिश
करीब 24 साल बाद प्रकाश के बिहार में होने की सूचना मिली. इसके बाद दिल्ली में आज तक न्यूज चैनल के कार्यालय में कार्यरत रवि शंकर तिवारी के माध्यम से प्रकाश की तस्वीर कुंभलगढ़ के पत्रकार देवी सिंह खरवड़ तक पहुंची. देवी सिंह खरवड़ ने तस्वीर जन टीवी के संवाददाता सुनील जैन को भेजी.
सुनील जैन ने तस्वीर लेकर सेंगनवास गांव में परिवार से संपर्क किया. मां सोहनी देवी ने तस्वीर देखते ही अपने बेटे प्रकाश को पहचान लिया. बेटे की तस्वीर सामने आते ही मां भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े.
भाई और मां बिहार पहुंचे, फिर हुई भावुक मुलाकात
प्रकाश को वापस परिवार से मिलाने के लिए संवाददाता सुनील जैन ने उसके छोटे भाई श्रवण नायक और मां सोहनी देवी को बिहार भेजने की व्यवस्था में सहयोग किया. इसके बाद प्रकाश को लेकर परिजन आमेट पहुंचे. 24 साल बाद अपनों को सामने देखकर प्रकाश भी भावुक हो गया. परिवार के इस मिलन को देखकर स्थानीय लोग भी भावुक हुए और प्रकाश का स्वागत किया.
पत्रकारों के प्रयास से लौटी परिवार की खुशियां
24 साल तक बेटे से बिछड़ने का दर्द झेल रहे परिवार के लिए यह मिलन किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है. इस पूरे घटनाक्रम में आज तक न्यूज चैनल के एडिटर , रवि शंकर तिवारी के पत्रकार देवी सिंह खरवड़ और जन टीवी संवाददाता सुनील जैन की भूमिका रही, जिनके आपसी संपर्क और प्रयासों से प्रकाश के परिवार तक पहुंचने का रास्ता बना.
-देवी सिंह खरवड़ की रिपोर्ट
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