scorecardresearch

सहारनपुर महिला अस्पताल की GOOD NEWS...अब फ्रिज में सुरक्षित होगा मां का दूध, एसएनसीयू में भर्ती नवजातों को भी मिलेगा मां का अमृत,डिब्बे के दूध की जरूरत घटी

इस यूनिट में तैनात दो काउंसलर लगातार अस्पताल में भर्ती महिलाओं से संपर्क करते हैं और यह पता लगाते हैं कि किस महिला को अपने बच्चे को दूध पिलाने में परेशानी हो रही है.

Advertisement
Breast Milk to Newborns Breast Milk to Newborns

सहारनपुर के महिला जिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए लैक्टेटिंग मैनेजमेंट यूनिट शुरू की गई है. इस यूनिट के जरिए अब उन नवजात बच्चों को भी उनकी मां का दूध उपलब्ध कराया जा रहा है, जो एसएनसीयू वार्ड में भर्ती हैं. अक्सर डिलीवरी के बाद महिला की सीजर सर्जरी होने या शारीरिक कमजोरी के कारण वह अपने बच्चे तक नहीं पहुंच पाती. ऐसी स्थिति में बच्चे को मां का दूध पिलाने में परेशानी होती है. इसी समस्या को देखते हुए अस्पताल में यह सुविधा शुरू की गई है, जिससे मां और बच्चे के बीच दूध की उपलब्धता में आने वाली बाधा को दूर किया जा सके.

महिलाओं से संपर्क कर मशीनों से निकाला जाता है दूध
इस यूनिट में तैनात दो काउंसलर लगातार अस्पताल में भर्ती महिलाओं से संपर्क करते हैं और यह पता लगाते हैं कि किस महिला को अपने बच्चे को दूध पिलाने में परेशानी हो रही है. इसके बाद मशीनों की मदद से मां का दूध निकाला जाता है और साफ-सुरक्षित तरीके से फ्रिज में स्टोर किया जाता है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, निकाले गए दूध को फ्रिज में 24 घंटे तक रखा जा सकता है, जबकि सामान्य कमरे के तापमान पर इसे करीब छह घंटे तक रखा जा सकता है.

Breast Milk to Newborns

मां से दूर भर्ती नवजातों को भी मिल रहा मां का दूध
जरूरत पड़ने पर इसी स्टोर किए गए दूध को एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशु को उपलब्ध कराया जाता है. इससे उन बच्चों को भी उनकी मां का दूध मिल पा रहा है, जिनकी माताएं ऑपरेशन के बाद खुद उठकर उनके पास नहीं जा सकतीं या किसी अन्य कारण से दूध नहीं पिला पा रही हैं.

Breast Milk to Newborns

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लैक्टेटिंग मैनेजमेंट यूनिट करीब एक साल पहले स्थापित की गई थी, लेकिन पिछले छह महीने से यह नियमित रूप से काम कर रही है. इस सुविधा के शुरू होने से नवजात बच्चों को डिब्बे का दूध देने की जरूरत काफी कम हो गई है और अब प्राथमिकता मां के दूध को दी जा रही है. मां का दूध नवजात शिशु के पोषण और स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में अस्पताल की यह पहल उन माताओं के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश अपने बच्चों को सीधे स्तनपान नहीं करा पातीं. जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस इंद्र सिंह के मुताबिक, इस व्यवस्था से काफी सुविधा हो रही है और डिब्बे के दूध का इस्तेमाल अब लगभग खत्म हो गया है.

ये भी पढ़ें