स्यूकुरो मनाबे, क्लाउस हासेलमैन, जियोर्जियो पेरिसी को मिला भौतिकी का नोबेल.
स्यूकुरो मनाबे, क्लाउस हासेलमैन, जियोर्जियो पेरिसी को मिला भौतिकी का नोबेल.
स्यूकुरो मनाबे, क्लाउस हासेलमैन, जियोर्जियो पेरिसी ने संयुक्त रूस से भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 2021 जीता है. नोबेल असेंबली ने इस पुरष्कार की घोषणा मंगलवार को की. यह घोषणा चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा के एक दिन बाद की गई है.
नोबेल असेंबली ने पुरस्कार का ऐलान करते हुए कहा, 'स्यूकुरो मनाबे, क्लाउस हासेलमैन, जियोर्जियो पेरिसी ने भौतिकी के क्षेत्र की जटिलताओं को सुलझाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है, इसलिए तीनों ने संयुक्त रूप से नोबेल प्राइज 2021 जीत लिया है.'
कौन हैं स्यूकुरो मनाबे?
प्रिंसटन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी स्यूकुरो मनाबे ने अपने प्रयोगों से यह साबित किया है कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़ते स्तर की वजह से पृथ्वी की सतह पर तापमान में वृद्धि होती है. स्यूकुरो मनाबे का जन्म 21 सितंबर 1931 को जापान के एहिमे प्रांत स्थित शिंगु में हुआ है. स्यूकुरो मनाबे ने पृथ्वी की जलवायु के भौतिक मॉडलिंग पर काम किया. उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग की मजबूती से भविष्यवाणी करने का भी एक सक्षम मॉडल तैयार किया है.
कौन हैं प्रोफेसर क्लॉस हैसलमैन?
जर्मनी में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर मेटियोरोलॉजी के प्रोफेसर क्लॉस हैसलमैन ने एक मॉडल बनाया है जिसके जरिए मौसम और जलवायु की जटिलताएं आसानी से समझी जा सकती हैं. उन्होंने एक मॉडल तैयार किया जिसके जरिए मौसम के परिवर्तनशील और अव्यवस्थित होने के बावजूद जलवायु मॉडल विश्वसनीयता जांची जा सकती है. क्लॉस हैसलमैन जर्मनी के प्रमुख समुद्र विज्ञानी और जलवायु मॉडलर हैं. उन्हें जलवायु परिवर्तनशीलता के हैसेलमैन मॉडल को विकसित करने के लिए जाना जाता है. इनका जन्म जर्मनी के हैम्बर्ग में 25 अक्टूबर 1931 को हुआ है.
कौन हैं जियोर्जियो पेरिसी?
रोम के सैपिएंज़ा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जियोर्जियो पेरिसी को अव्यवस्थित जटिल सामग्रियों में छिपे पैटर्न की खोज के लिए नोबेल से सम्मानित किया गया है. उनकी खोज जटिल प्रणालियों के सिद्धांत में सबसे महत्वपूर्ण योगदानों में से एक है. जियोर्जियो पेरिसी का जन्म 4 अगस्त 1948 में इटली की राजधानी में हुआ था.
क्यों स्यूकुरो मनाबे, क्लाउस हासेलमैन, जियोर्जियो पेरिसी को मिला नोबेल प्राइज?
भौतिकी के लिए नोबेल समिति के अध्यक्ष थोर हैंस हैन्सन ने कहा, 'इस वर्ष की जा रही खोजों से पता चलता है कि जलवायु के बारे में हमारा ज्ञान कठोर विश्लेषण और वैज्ञानिक आधार पर टिका हुआ है. इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं ने जटिल भौतिक प्रणालियों के गुणों और विकास की जटिलताओं को बारी के सुलझने की दृष्टि हमें दी है.'
अब तक 216 लोगों को मिल चुका है भौतिकी का नोबेल
भौतिकी में नोबेल पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम, स्वीडन की ओर से दिया जाता है. अब तक 216 लोगों को इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है, जिनमें से सिर्फ चार महिलाएं हैं.
नोबेल असेंबली के मुताबिक, भौतिकी वह पुरस्कार क्षेत्र था जिसका जिक्र अल्फ्रेड नोबेल ने 1895 से अपनी वसीयत में पहली बार किया था. 19वीं शताब्दी के अंत तक, ऐसी मान्यता थी कि लोग भौतिकी को विज्ञान में सबसे आगे मानते थे. अल्फ्रेड नोबेल का भी ऐसा ही मानना था. उन्होंने खुद भौतिकी के क्षेत्र में काम किया है.