अभियान के तहत 500 से अधिक बच्चों का स्कूल प्रवेश
अभियान के तहत 500 से अधिक बच्चों का स्कूल प्रवेश
जामनगर में गुजरात सरकार ने ‘समरस विद्या सेतु’ अभियान का शुभारंभ किया है. राज्यभर में शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके यानी ड्रॉप-आउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है. जामनगर महानगरपालिका की नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा आयोजित इस अभियान के तहत जामनगर शहर में अब तक 500 से अधिक बच्चों को दोबारा स्कूल में प्रवेश दिलाया गया है. इस अवसर पर सामाजिक अग्रणी, सरपंच, अभिभावक, शिक्षक तथा विभिन्न सेवाभावी संस्थाओं ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई.
अभियान के प्रथम चरण में आगामी तीन दिनों तक सघन घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा तथा बच्चों को दोबारा नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए समझाया जाएगा. तीन दिनों में 2,000 से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
पूरा ‘समरस विद्या सेतु’ अभियान एक महीने तक चलेगा. अभियान के दौरान कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का संवैधानिक अधिकार मिले, इसके लिए सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जाएंगे.
अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की गई है. बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, सहायता और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा निभाई जाएगी.
‘समरस विद्या सेतु’ अभियान का मुख्य संदेश है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. राज्य के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़कर उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए अवसर उपलब्ध कराने का सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है. ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है.
इस अवसर पर गुजरात सरकार की राज्य मंत्री रिवाबा जाडेजा ने भी अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की और शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसके लिए सभी से अभियान में सहभागी बनने का अनुरोध किया.
- दर्शन ठक्कर की रिपोर्ट