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मरीजों की जान से खिलवाड़! प्लाज्मा की जगह सलाइन मिलाकर बाजार में करते थे सप्लाई... पुलिस ने लैब से पकड़े 4 आरोपी

अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ओमप्रकाश जाट ने कहा, फार्मा कंपनियों के लिए एकत्र किए जाने वाला असली प्लाज्मा यूनिट ट्रांसपोर्टेशन के दौरान बदलकर उसकी जगह नार्मल सलाइनयुक्त प्लाज्मा यूनिट रखकर बाजार में सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली थी.

Ahmedabad police busted fake blood plasma racket. Ahmedabad police busted fake blood plasma racket.
हाइलाइट्स
  • नकली प्लाज्मा यूनिट सप्लाई करने वाला गिरोह पकड़ा गया

  • प्लाज्मा यूनिट की सप्लाई करनेवाले 4 आरोपी गिरफ्तार

गंभीर शारीरिक समस्याओं के लिए मरीज को कई बार ब्लड प्लाज्मा यूनिट चढ़ाना पड़ता है. लेकिन असली प्लाज्मा यूनिट की जगह नार्मल स्लाइन से बने प्लाज्मा यूनिट रखकर बाजार में सप्लाई करने वाले 4 आरोपियों को अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने सानंद के चांगोदर में स्थित लैब से गिरफ्तार करके 1150 असली प्लाज्मा यूनिट समेत 15 लाख रुपये का माल जप्त किया है.

असली प्लाज्मा की जगह सलाइन मिलाकर सप्लाई का खेल
अहमदाबाद ग्रामीण के एसपी ओमप्रकाश जाट ने कहा, फार्मा कंपनियों के लिए एकत्र किए जाने वाला असली प्लाज्मा यूनिट ट्रांसपोर्टेशन के दौरान बदलकर उसकी जगह नार्मल सलाइनयुक्त प्लाज्मा यूनिट रखकर बाजार में सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली थी. जिसके बाद एसओजी की टीम ने चांगोदर में रेड करके मुख्य आरोपी दिनेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद महाराष्ट्र में स्थित ब्लड बैंक के संचालक मोहन गायकवाड़ की भूमिका पाई जाने पर मोहन को गिरफ्तार किया गया. प्लाज्मा यूनिट के साथ छेड़छाड़ करने में मुख्य भूमिका चांगोदर के दिनेश की थी, जो कि पहले फार्मा कंपनी में ब्लड प्लाज्मा सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करता था. जिसकी वजह से उसे प्लाज्मा यूनिट के बारें में टेक्निकल नॉलेज था.

रास्ते में असली यूनिट हटाकर सलाइन से भरे बैग लगाए जाते
एसपी ओमप्रकाश जाट ने कहा, असली प्लाज्मा यूनिट निकालना और उसकी जगह नार्मल सलाइन से तैयार किया गया प्लाज्मा यूनिट रखने के लिए प्लाज्मा कलेक्शन व्हीकल के ड्राइवर जितेंद्र सोलंकी और उसके साथ रहनेवाले रफीक खलीफा का संपर्क किया गया था. दोनों महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से प्लाज्मा यूनिट एकत्र करते उसके बाद इसकी जानकारी चांगोदर में रहनेवाले दिनेश चौधरी को देते थे. जब प्लाज्मा यूनिट की डिलीवरी विभिन्न कंपनियों में देनी रहती थी, उस दौरान प्लाज्मा कलेक्शन व्हीकल चांगोदर में लाया जाता, जहां असली प्लाज्मा यूनिट निकालकर उसकी जगह सलाइन से तैयार किया गया प्लाज्मा यूनिट रख दिया जाता था. आरोपियों द्वारा बाद में असली प्लाज्मा यूनिट को अन्य ब्लड बैंक में आधी कीमत के बेचकर नफा कमाता था.

₹3,000 में बेचते थे सलाइन वाला नकली प्लाज्मा
आरोपियों द्वारा असली की जगह सलाईन से बना प्लाज्मा यूनिट 3,000 रुपये तक बेचा जाता था. जिसकी बाजार कीमत 5,000 रुपये तक रहती है. आरोपियों के पास से पुलिस ने 1150 जितने असली ब्लड प्लाज्मा यूनिट, डीप फ्रीजर, केमिकल बॉटल्स, सीलिंग मशीन, खाली प्लाज्मा बैग समेत 15 लाख रुपये का माल जप्त किया है. असली प्लाज्मा यूनिट आरोपियों द्वारा आधी कीमत में सप्लाई किया जाता था. जिसे माइनस टेम्परेचर में रखना होता है, लेकिन आरोपियों द्वारा उसे आइस बॉक्स में रखा जाता था. पुलिस अब स्लाइनयुक्त प्लाज्मा यूनिट जिन जगहों पर सप्लाई किया गया है, उसकी जानकारी आरोपियों से हासिल करके जांच कर रही है.

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