Breakfast
Breakfast
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग समय की कमी या वजन घटाने की चाह में सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं. लेकिन दिन की पहली मील यानी ब्रेकफास्ट शरीर के लिए अहम माना जाता है. लंबे समय तक लगातार नाश्ता छोड़ने की आदत शरीर की कार्यक्षमता और खानपान की आदतों पर असर डाल सकती है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि नाश्ता क्यों जरूरी है, इसमें क्या खाना चाहिए और किन लोगों को इसे कभी नहीं छोड़ना चाहिए.
रोज नाश्ता छोड़ने से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
रातभर बिना कुछ खाए रहने के बाद सुबह का नाश्ता शरीर को दिनभर के काम के लिए ऊर्जा देता है. अगर कोई व्यक्ति रोज नाश्ता छोड़ता है, तो कुछ लोगों को दिन की शुरुआत में थकान, कमजोरी और काम में ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है. कई बार लंबे समय तक भूखे रहने के कारण बाद में बहुत ज्यादा भूख लगती है, जिससे लोग जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं. इससे संतुलित खानपान बनाए रखना मुश्किल हो सकता है और मीठी या तली-भुनी चीजें खाने की इच्छा भी बढ़ सकती है. हालांकि, हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है. अगर सुबह भूख नहीं लगती, तो थोड़ी देर बाद भी पौष्टिक नाश्ता किया जा सकता है.
नाश्ते में क्या खाना बेहतर होता है?
सुबह के नाश्ते में ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए, जिनसे प्रोटीन, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिल सकें. ओट्स, अंडे, दही, दूध, फल, साबुत अनाज, अंकुरित दालें, मेवे और पीनट बटर अच्छे विकल्प माने जाते हैं. शाकाहारी लोग पनीर, दही, बेसन या मूंग दाल का चीला भी खा सकते हैं. बहुत ज्यादा तले-भुने और मीठे खाद्य पदार्थों की बजाय संतुलित नाश्ता चुनना बेहतर माना जाता है.
किन लोगों को नाश्ता नहीं छोड़ना चाहिए?
बच्चों, जवान, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज के मरीजों और ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों को नाश्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए. इन लोगों को दिन की शुरुआत में पर्याप्त ऊर्जा और पोषण की अधिक जरूरत होती है. यदि आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, दवा ले रहे हैं या किसी खास डाइट का पालन कर रहे हैं, तो नाश्ते की आदत में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर रहेगा. संतुलित और पौष्टिक नाश्ता स्वस्थ जीवनशैली की मजबूत शुरुआत माना जाता है.
ये भी पढ़ें: