Heatwave
Heatwave
दिल्ली-NCR के लोगों को आने वाले कुछ दिन तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच गुजराने पड़ सकते हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी में 18 मई से 23 मई तक भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. खासतौर पर 19 और 20 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सिर्फ तापमान ही नहीं बल्कि तेज और सूखी हवाएं भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगी. दिल्ली-NCR में 10 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने की संभावना है. ऐसे में दोपहर के समय घर से बाहर निकलना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
सोमवार को 44 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा
IMD के अनुसार सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं.
विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी इस मौसम में सबसे बड़ा खतरा बनती है, इसलिए पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है.
रविवार को भी झुलसाती रही गर्मी
रविवार को भी दिल्ली में लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी का अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा था. वहीं न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज हुआ.
गर्मी के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक रविवार शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 174 दर्ज किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है.
गर्म हवाएं क्यों होती हैं खतरनाक?
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब तापमान लगातार 40 डिग्री से ऊपर बना रहता है और हवा में नमी कम होती है, तब शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम प्रभावित होने लगता है. शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है, लेकिन लगातार गर्म हवाएं चलने पर यह प्रक्रिया कमजोर पड़ जाती है. यही स्थिति हीट एक्सहॉशन और हीट स्ट्रोक का कारण बनती है.
डॉक्टरों के मुताबिक अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है.
हमारा शरीर कितनी डिग्री तक गर्मी झेल सकता है?
सामान्य तौर पर इंसानी शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है. अगर शरीर का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाए, तो यह खतरनाक माना जाता है. लंबे समय तक 45 डिग्री के आसपास की बाहरी गर्मी में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो जाता है.
45 डिग्री तापमान में शरीर में क्या होता है?
चक्कर आना
सिरदर्द
कमजोरी
तेज प्यास लगना
उल्टी जैसा महसूस होना
सांस फूलना
दिल की धड़कन तेज होना
हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं?
शरीर का बहुत गर्म हो जाना
पसीना बंद होना
तेज बुखार
भ्रम या घबराहट
बेहोशी
त्वचा का लाल और सूखा होना
ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
इस गर्मी से कैसे बच सकते हैं?
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
ORS, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी लें
हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनें
धूप में निकलते समय सिर ढकें
लगातार AC से निकलकर सीधे धूप में न जाएं
गर्मी में क्या खाना चाहिए?
तरबूज
खीरा
खरबूजा
दही
छाछ
नारियल पानी
नींबू पानी
बहुत ज्यादा मसालेदार, तला हुआ और भारी खाना खाने से बचना चाहिए.
गर्मी में खुद का ख्याल कैसे रखें?
शरीर में पानी की कमी न होने दें.
जरूरत न हो तो धूप में बाहर न निकलें.
बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें.
अगर चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत आराम करें.
दिन में बार-बार पानी पीते रहें, भले प्यास न लगे.
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