Delhi Smog
Delhi Smog
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 250 से 300 के पार पहुंच गया है. सुबह पार्क में टहलना हो या दफ्तर के लिए निकलना, सांस लेते ही गले में खराश और आंखों में जलन महसूस होने लगती है. जब एयर क्वालिटी खराब हो तो मास्क लगाना मजबूरी बन जाता है.
कौन सा मास्क खरीदें?
मेडिकल स्टोर पर जाते ही सबसे बड़ा सवाल सामने खड़ा होता है-कौन सा मास्क खरीदें? कोई 10 रुपये का सर्जिकल मास्क थमा देता है तो कोई कपड़े का मास्क थमाकर कहता है 'इसे धोकर चलाते रहो'. बाजार में मिलने वाला हर मास्क प्रदूषण से एक जैसी सुरक्षा नहीं देता. ऐसे में सवाल है कि कपड़े का मास्क, सर्जिकल मास्क और N95 में क्या अंतर है? प्रदूषण के दिनों में कौन-सा मास्क पहनना ज्यादा फायदेमंद है और इसे इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कपड़े का मास्क- कपड़े के मास्क आसानी से मिल जाते हैं और इन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. यह सिर्फ धूल-मिट्टी के बड़े कणों और छींकने से निकलने वाली बूंदों को रोक सकता है. कपड़े के धागों के बीच इतने छेद होते हैं कि दिल्ली की हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5) आसानी से पार हो जाते हैं. यानी प्रदूषण के खिलाफ यह ना के बराबर सुरक्षा देता है.
सर्जिकल मास्क- सर्जिकल मास्क मुख्य रूप से अस्पतालों में इस्तेमाल किए जाते हैं. इनका मकसद सांस से निकलने वाली बूंदों और छींटों को रोकना होता है. यह बड़े कणों और फ्लू के ड्रॉपलेट्स को तो रोक लेता है, लेकिन चेहरे पर ढीला (loose fit) होने के कारण साइड से हवा अंदर घुस जाती है. जहरीले धुएं से बचने के लिए यह भी अधूरा उपाय है.
N95/KN95 मास्क- प्रदूषण से बचने के लिए यह सबसे बेहतरीन ढाल है. N95 मास्क हवा में मौजूद बहुत छोटे कणों को छानने के लिए बनाया जाता है. N95 का मतलब है कि यह हवा में मौजूद 95% सूक्ष्म कणों (PM 2.5 और हानिकारक बैक्टीरिया) को छानने की क्षमता रखता है. यह PM2.5 जैसे महीन कणों से बचाव में कपड़े और सामान्य सर्जिकल मास्क से बेहतर विकल्प है.
मास्क पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान
मास्क पहनने से पहले हाथ साफ करें और नाक, मुंह व ठुड्डी को अच्छी तरह ढकें.
N95 मास्क की नाक वाली पट्टी को दबाकर चेहरे पर फिट करें. किनारों से हवा आने पर सुरक्षा घट सकती है.
मास्क को बार-बार छूने, नीचे खिसकाने या ठुड्डी पर रखने से बचें.
मास्क गीला, गंदा, खराब या सांस लेने में असामान्य परेशानी पैदा करने लगे, तो उसे बदलें.
डिस्पोजेबल N95 को धोकर दोबारा इस्तेमाल न करें. इसके रखरखाव और दोबारा इस्तेमाल के लिए निर्माता के निर्देश मानें.
प्रदूषण बहुत ज्यादा हो तो बाहर निकलने का समय कम करें, भारी व्यायाम से बचें और घर के भीतर भी हवा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश करें.
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