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डेंगू में बिना बुखार के भी गिर सकता है प्लेटलेट्स काउंट? जानें कब दिखते हैं लक्षण और किन संकेतों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

डेंगू में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया यानी प्लेटलेट्स कम होना आम लैब फाइंडिंग है. हालांकि, डेंगू की सामान्य क्लिनिकल तस्वीर में बुखार प्रमुख लक्षण है. इसलिए यदि किसी व्यक्ति को बुखार नहीं है लेकिन प्लेटलेट्स कम हैं, तो इसके पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं.

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डेंगू का नाम आते ही सबसे पहले तेज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों का जहन में आते हैं लेकिन क्या बुखार न होने पर भी डेंगू की वजह से प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं? दरअसल, डेंगू का क्लिनिकल पैटर्न हर मरीज में एक जैसा नहीं होता. कई संक्रमित लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखता या बीमारी बहुत हल्की रहती है. वहीं, कुछ मरीजों में बीमारी के दौरान प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकते हैं.

बुखार के बिना प्लेटलेट्स कम हों तो क्या डेंगू मानें?
डेंगू में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया यानी प्लेटलेट्स कम होना आम लैब फाइंडिंग है. हालांकि, डेंगू की सामान्य क्लिनिकल तस्वीर में बुखार प्रमुख लक्षण है. इसलिए यदि किसी व्यक्ति को बुखार नहीं है लेकिन प्लेटलेट्स कम हैं, तो इसके पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं. डॉक्टर जरूरत के अनुसार CBC के साथ डेंगू की जांच और अन्य कारणों की जांच कर सकते हैं.

डेंगू में प्लेटलेट्स कब गिरना शुरू होते हैं?
डेंगू आम तौर पर तीन चरणों में आगे बढ़ता है-फेब्राइल, क्रिटिकल और रिकवरी फेज. बीमारी के शुरुआती दिनों में बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसके बाद बुखार कम होने के आसपास क्रिटिकल फेज शुरू हो सकता है. CDC के अनुसार यह चरण आम तौर पर बुखार शुरू होने के करीब 3 से 8 दिन के बीच देखा जाता है. इसी दौरान मरीज की निगरानी ज्यादा जरूरी होती है. बुखार उतरने का मतलब हमेशा खतरा टलना नहीं होता. डेंगू में गंभीर स्थिति के संकेत बुखार खत्म होने के 24-48 घंटे बाद भी सामने आ सकते हैं.

प्लेटलेट्स कम होने के साथ ये लक्षण दिखें तो रहें सावधान
डेंगू में कुछ संकेत गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं. इनमें तेज पेट दर्द या पेट में दबाने पर दर्द, बार-बार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी या सुस्ती शामिल हैं. तेजी से सांस चलना, त्वचा का पीला या ठंडा पड़ना और बहुत ज्यादा कमजोरी भी गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं. इनमें से कोई भी संकेत दिखाई दे तो घर पर केवल प्लेटलेट्स की संख्या देखते रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए.

डेंगू में डॉक्टर केवल प्लेटलेट्स की संख्या नहीं देखते. हीमाटोक्रिट, ब्लड प्रेशर, नाड़ी, पेशाब की मात्रा, पानी की कमी और ब्लीडिंग जैसे संकेतों को भी देखा जाता है. WHO के अनुसार प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट के साथ हीमाटोक्रिट बढ़ना भी चेतावनी संकेत हो सकता है. इसलिए प्लेटलेट्स कम होने पर खुद से प्लेटलेट्स बढ़ाने की दवा या प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन कराने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

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