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Doctor's Day 2026: हर बुखार, सर्दी-खांसी में एंटीबायोटिक क्यों नहीं? डॉक्टर से जानिए सबसे बड़ा हेल्थ मिथ, इससे दवा भी बेअसर हो सकती है

भारत में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे मनाया जाता है. यह महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के सम्मान में मनाया जाता है.

Doctor's Day Special Doctor's Day Special
हाइलाइट्स
  • हर सर्दी-खांसी में एंटीबायोटिक लेने की आदत क्यों खतरनाक है?

  • भारत में 1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स डे?

हर बार सर्दी, खांसी, गले में दर्द या बुखार होते ही कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं. कुछ लोग पुरानी बची हुई दवा खा लेते हैं, तो कुछ मेडिकल स्टोर से सीधे खरीद लेते हैं. उन्हें लगता है कि एंटीबायोटिक लेने से बीमारी जल्दी ठीक हो जाएगी. लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह सबसे बड़ा हेल्थ मिथ है.

Doctors' Day 2026 पर GNT ने मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा की डॉ. अम्बरीन जीनत अहमद से हेल्थ मिथ से जुड़ी बात की. डॉ. अम्बरीन ने कहा कि एंटीबायोटिक हर बीमारी का इलाज नहीं है. इसका गलत इस्तेमाल न केवल शरीर को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि भविष्य में दवाओं को भी बेअसर बना सकता है.

एंटीबायोटिक क्या होती है?
एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं हैं जो बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को खत्म करने या उनकी बढ़त रोकने के लिए बनाई जाती हैं. यानी अगर बीमारी बैक्टीरिया की वजह से हुई है, तभी इन दवाओं का फायदा होता है. लेकिन अगर संक्रमण वायरस से हुआ है तो एंटीबायोटिक बिल्कुल काम नहीं करती.

किन बीमारियों में एंटीबायोटिक काम नहीं करती?

  • सामान्य सर्दी-जुकाम

  • वायरल बुखार

  • फ्लू (इन्फ्लुएंजा)

  • अधिकांश वायरल गले का संक्रमण

  • कई मौसमी वायरल इंफेक्शन

फिर वायरल बीमारी में क्या करना चाहिए?
डॉ. अम्बरीन के मुताबिक, अधिकतर वायरल संक्रमण कुछ दिनों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) की मदद से अपने आप ठीक हो जाते हैं. इस दौरान मरीज को जरूरत होती है-

  • पर्याप्त पानी पीने की

  • आराम करने की

  • पौष्टिक भोजन लेने की

  • बुखार और बदन दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल लेने की

  • जरूरत पड़ने पर एलर्जी की दवा लेने की

Doctors' Day
Doctors' Day

बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से क्या नुकसान होता है?
1. शरीर के अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं:
हमारे शरीर, खासकर आंत (Gut) में कई अच्छे बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं. ये पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं. बार-बार या गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेने पर ये अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म होने लगते हैं, जिससे पेट की समस्याएं और अन्य दिक्कतें हो सकती हैं.

2. एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ता है: डॉक्टरों की सबसे बड़ी चिंता Antibiotic Resistance है. इसका मतलब है कि बैक्टीरिया समय के साथ इतने मजबूत हो जाते हैं कि उन पर एंटीबायोटिक का असर ही नहीं होता. ऐसी स्थिति में भविष्य में होने वाले सामान्य संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकते हैं और उनका इलाज मुश्किल हो सकता है.

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस क्यों पूरी दुनिया के लिए खतरा है?
जब बैक्टीरिया दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं तो पहले असर करने वाली दवाएं बेकार हो जाती हैं. इसकी वजह से संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है. इलाज महंगा और कठिन हो सकता है. अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है. गंभीर मामलों में जान का खतरा भी बढ़ सकता है. इसी वजह से दुनियाभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स एंटीबायोटिक का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.

डॉक्टर एंटीबायोटिक देने से मना क्यों करते हैं?
कई मरीजों को लगता है कि डॉक्टर ने एंटीबायोटिक नहीं लिखी, यानी इलाज सही नहीं किया. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. डॉ. अम्बरीन कहती हैं कि डॉक्टर का मकसद ज्यादा दवा लिखना नहीं, बल्कि सही समय पर सही दवा देना होता है. अगर बीमारी वायरल है तो एंटीबायोटिक देने का कोई फायदा नहीं होता. उल्टा इससे नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है.

एंटीबायोटिक लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लें.

  • पुरानी बची हुई दवा दोबारा इस्तेमाल न करें.

  • किसी दूसरे व्यक्ति की दवा खुद न लें.

  • डॉक्टर ने जितने दिन दवा लिखी है, उतना पूरा कोर्स करें.

  • बीमारी ठीक लगने पर बीच में दवा बंद न करें.


भारत में 1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है Doctors' Day?
भारत में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे मनाया जाता है. यह महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के सम्मान में मनाया जाता है. उन्होंने चिकित्सा, मेडिकल शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इस दिन डॉक्टरों की सेवा, समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मान दिया जाता है.