कॉफी
कॉफी
कई लोगों के लिए, सुबह की उनके लिए किसी अमृत से कम नहीं होती है. उनके दिन की शुरुआत ही कॉफी से होती है. हालांकि, काफी लंबे समय से कॉफी कितनी पीनी चाहिए, इसपर बहस चल रही है. विशेष रूप से इसकी मात्रा पर दशकों से बहस होती आ रही है. इसके अलावा ये स्वास्थ्य के लिए अच्छी है या नहीं यह एक अलग डिबेट है.
कई अध्ययनों से ये संकेत मिलता है कि कैफीन (कॉफी में मौजूद मुख्य घटक) को पचाने की स्पीड हर किसी व्यक्ति में अलग होती है. यही कारण है कि कुछ लोग जो सुबह कॉफी पीते हैं उन्हें इससे एनर्जी मिलती है, वहीं कुछ और लोग हैं जिसे ये नुकसान पहुंचाती है या उनपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.
मूड को बेहतर बनाने के लिए कॉफी
इंडिया टुडे से बात करते हुए एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल, बेंगलुरु में क्लीनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स की प्रमुख डॉ. एडविना राज ने कहा, "आमतौर पर लोग अलग-अलग काम को करने के लिए अपने मूड को बेहतर बनाने के लिए सुबह सबसे पहले कॉफी पीते हैं. कई फिटनेस लवर भी कॉफी पीते हैं क्योंकि इससे उनकी एक्सरसाइज परफॉरमेंस को बढ़ावा मिलता है. जो लोग कॉफी को तेजी से मेटाबोलाइज्ड करते हैं, उनपर इसका प्रभाव अच्छा पड़ता है.”
किन लोगों को करना चाहिए परहेज
हालांकि, जिन लोगों को गंभीर गैस्ट्रिक की समस्या है, पेट के अल्सर या इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे ज्यादा कैफीन का सेवन न करें या इसे सुबह सबसे पहले लें क्योंकि यह गैस्ट्रिक की समस्या को बढ़ा सकती है. हालांकि, कुछ हेल्दी लोगों में पेट खुद अपनी रक्षा करता है. बताते चलें कि पेट में एक शक्तिशाली कवच होता है जो पेट की परत की रक्षा करता है.
नींद न आने की समस्या भी हो सकती है
गौरतलब है कि साल 2013 में, नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में एक स्टडी पब्लिश की गई थी जिसमें प्रति दिन तीन या अधिक कप पीने वालों में भी कॉफी की खपत और पेट या आंत में अल्सर के गठन के बीच कोई महत्वपूर्ण संबंध नहीं पाया गया था. ये रिसर्च जापान में रह रहे 8,000 लोगों पर की गई थी. लेकिन इसमें ये भी कहा गया कि कॉफी का आंत पर प्रभाव पड़ सकता है. इसके अलावा नींद न आने की भी समस्या हो सकती है.