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केंद्र सरकार के अस्पताल में पहली बार IVF से बच्चे का जन्म, सफदरजंग अस्पताल में गूंजी किलकारी

सफदरजंग अस्पताल में पहली बार IVF तकनीक से बच्चे का जन्म हुआ है. इस प्रोजेक्ट पर साल 2015 से काम चल रहा था. सफदरजंग अस्पताल पहला ऐसा सेंट्रल गवर्नमेंट का अस्पताल है, जहां आईवीएफ तकनीक से बच्चे का जन्म हुआ है.

सफदरजंग अस्पताल में पहली बार IVF से बच्चे को जन्म हुआ सफदरजंग अस्पताल में पहली बार IVF से बच्चे को जन्म हुआ
हाइलाइट्स
  • सफदरजंग अस्पताल में पहली बार IVF से बच्चे का जन्म

  • साल 2015 में शुरू हुआ था आईवीएफ प्रोजेक्ट

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पहली IVF के जरिए बच्चे का जन्म हुआ है. इसके साथ ही सफदरजंग अस्पताल सेंट्रल गवर्नमेंट का पहला ऐसा अस्पताल बन गया है, जहां ईवीएफ से बच्चे जन्म हुआ है. अस्पताल ने 13 जनवरी को ये उपलब्धि हासिल की. संतान सुख से वंचित रहने वाले एक जोड़े को पहला आईवीएफ बच्चा हुआ.

सफदरजंग अस्पताल में पहली बार IVF तकनीक का इस्तेमाल हुआ

सफदरजंग अस्पताल में पहली बार IVF का इस्तेमाल-
केंद्र सरकार के अस्पताल में पहली बार ईवीएफ का इस्तेमाल किया गया. डॉक्टरों ने इमरजेंसी सिजेरियन सर्जरी करके प्रसव कराया. अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक जच्चा-बच्चा दोनों सेहतमंद हैं. सफदरजंग अस्पताल आईवीएफ की सुविधा देने वाला दिल्ली का तीसरा अस्पातल है.

पहली बार IVF तकनीक के इस्तेमाल पर डॉक्टरों को मिली बधाई

2015 में प्रोजेक्ट पर शुरू हुआ था काम-
साल 2015 में सफदरजंग अस्पताल में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था. उस वक्त प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में आईवीएफ केंद्र खोला गया था. लेकिन इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स को पूरा करते-करते 2019 आ गया. उस साल सभी जरूरी चीजें जुटा ली गई थीं. लेकिन कोरोना के चलते साल 2019 इसे शुरू नहीं किया जा सका. अब जाकर अस्पताल में आईवीएफ के जरिए पहले बच्चे का जन्म हुआ है. इस प्रोजेक्ट का श्रेय डॉ. बनश्री दास, डॉ. प्रतिमा मित्तल को जाता है. इस काम में इनको डॉ. बीडी अथानी और डॉ. एसवी आर्य का मार्गदर्शन मिला.

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