No More Rusted Knives in Kitchens
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अगर आप किसी रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे, मिठाई की दुकान, फूड फैक्ट्री या किसी भी फूडबिजनेस से जुड़े हैं, तो यह खबर आपके लिए है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशभर के सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को निर्देश दिया है कि वे केवल फूड-ग्रेड और जंग-रोधी (कॉरोजन-रेसिस्टेंट) चाकू, ब्लेड और कटिंग उपकरणों का ही इस्तेमाल करें. FSSAI का कहना है कि कई जगहों पर अब भी जंग लगे, टूटे-फूटे और खराब चाकू-ब्लेड से खाद्य पदार्थों की कटाई और प्रोसेसिंग की जा रही है, जिससे खाने की गुणवत्ता और लोगों की सेहत पर खतरा पैदा हो सकता है.
कस्टमर की सेहत को हो सकता है नुकसान
फूड सेफ्टी अथॉरिटी के मुताबिक निरीक्षण और रिपोर्ट्स में सामने आया है कि कुछ फूडबिजनेस में ऐसे चाकू और उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं जिन पर जंग लगी होती है या जो टूटे, चिटके और पेंट उखड़े हुए होते हैं. ऐसे उपकरणों से खाने में धातु के कण, रासायनिक तत्व या हानिकारक बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं. इससे भोजन दूषित हो सकता है और उपभोक्ताओं की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है.
FSSAI ने चार प्रमुख निर्देश जारी किए हैं.
1. केवल फूड-ग्रेड उपकरण ही इस्तेमाल करें: खाद्य पदार्थों को काटने, छीलने और प्रोसेस करने के लिए सिर्फ ऐसे चाकू और ब्लेड इस्तेमाल किए जाएं जो फूड-ग्रेड और जंग-रोधी सामग्री से बने हों.
2. उपकरण हमेशा साफ-सुथरे रखें: सभी कटिंग उपकरणों को साफ और स्वच्छ स्थिति में रखना जरूरी होगा. इनमें जंग, दरार, टूट-फूट, पेंट या किसी भी तरह की खराबी नहीं होनी चाहिए.
3. खराब उपकरण तुरंत हटाने होंगे: यदि कोई चाकू, ब्लेड या कटिंग उपकरण जंग लगा, टूटा, चिटका या खराब पाया जाता है तो उसे तुरंत इस्तेमाल से हटाकर नया उपकरण लगाना होगा.
4. नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन जरूरी: सभी कटिंग उपकरणों की तय अंतराल पर सफाई, सैनिटाइजेशन और जरूरत पड़ने पर स्टेरिलाइजेशन भी करना होगा ताकि खाद्य पदार्थों में किसी तरह का संक्रमण न पहुंचे.
पहले से नियम थे, फिर नई एडवाइजरी क्यों?
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खाद्य कारोबारों के लिए यह नियम पहले से मौजूद हैं. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस) रेगुलेशंस, 2011 में भी साफ कहा गया है कि भोजन के संपर्क में आने वाले सभी उपकरण फूड-ग्रेड, गैर-विषैले और जंग-रोधी होने चाहिए. हालांकि हाल के निरीक्षणों में कई जगह इन नियमों का पालन नहीं पाया गया. इसी वजह से FSSAI को दोबारा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी.
नियम तोड़ने पर क्या होगा?
FSSAI ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई फूड बिजनेस इन निर्देशों का पालन करता नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों और FSSAI के क्षेत्रीय अधिकारियों को भी नियमों के पालन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. यह फैसला सीधे तौर पर खाने की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से जुड़ा है. साफ-सुथरे और मानक उपकरणों के इस्तेमाल से भोजन में संक्रमण, धातु के कण और अन्य दूषित तत्वों के पहुंचने का खतरा कम होगा.