Delhi NCR Police Bust Major Fake Steroid
Delhi NCR Police Bust Major Fake Steroid
जिम में तेजी से मसल्स बढ़ाने और बॉडी बनाने की चाहत युवाओं को महंगी सप्लीमेंट और स्टेरॉयड खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है. इसी मांग का फायदा उठाकर नकली दवाओं और बॉडी-बिल्डिंग प्रोडक्ट का कथित कारोबार चलाने वाले गिरोह का शालीमार गार्डन पुलिस और ट्रांस हिंडन जोन की SWAT/सर्विलांस टीम ने खुलासा किया है. पुलिस ने फर्जी लेबल और पैकिंग के जरिए बॉडी-बिल्डिंग सप्लीमेंट, पेप्टाइड्स, इंजेक्शन और दवाएं तैयार कर दिल्ली-NCR में सप्लाई करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे और उनसे जुड़े ठिकानों से करीब 50 लाख रुपए की सामग्री बरामद की गई है. इसमें Dianabol, Anadrol, Trenbolone, Winstrol, Sustanon और Deca जैसे बॉडी-बिल्डिंग में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों के साथ बड़ी संख्या में डाइट सप्लीमेंट, इंजेक्शन, पेप्टाइड्स, खाली शीशियां, कार्टन और होलोग्राम शामिल हैं.
15 सितंबर को पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 15 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर दिलीप पांडेय (39), वीरभान उर्फ रवि (34), रोहित वक्शी उर्फ लड्डू (35), हन्नी कुलश्रेष्ठ (30) और आर्यन (24) को गिरफ्तार किया गया. दिलीप और वीरभान ओल्ड सीमापुरी, दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि रोहित, हन्नी और आर्यन विजयनगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं. पूछताछ में पुलिस को पता चला कि दिल्ली निवासी मोहित और आदिल से दवाओं और फूड प्रोडक्ट का कच्चा माल, प्रिंटेड लेबल, मोनो कार्टन और खाली शीशियां ली जाती थीं. इसके बाद इन सामानों को कथित तौर पर पैक कर तैयार उत्पाद का रूप दिया जाता था. विजयनगर स्थित गोदाम और दुकानों से इनकी आगे सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है.
अलग-अलग कंपनियों और देशों के नाम से तैयार होते थे लेबल
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से अलग-अलग देशों के पते और कंपनियों के नाम वाले लेबल मिलने की बात सामने आई है. पुलिस का आरोप है कि प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और मोनोग्राम वाली पैकिंग का इस्तेमाल कर इन उत्पादों को असली बताकर ऊंचे दाम पर बेचा जाता था. पूछताछ में रोहित ने ललित शर्मा उर्फ लल्ली को अपना मामा बताते हुए कारोबार में साझेदारी की बात कही है. पुलिस के अनुसार हन्नी ललित का काम संभालता था, जबकि आर्यन पर अकाउंटेंट के साथ गोदाम और दुकान का काम देखने की जिम्मेदारी थी.
Dianabol से लेकर HGH तक, बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस के मुताबिक बरामद सामान में Dianabol की बोतलें, Anadrol और Clian के सैकड़ों खाली कार्टन, Testolone RAD, पेप्टाइड किट, Pragma इंजेक्शन और बिना लेबल वाली लाल गोलियों से भरी 508 डिब्बियां शामिल हैं. इसके अलावा Myodrol, Bulkzilla, GHRP-6, Musclemass Gainer, MK-677, IGF-1 और HGH X2 जैसे डाइट सप्लीमेंट भी मिले हैं. इंजेक्शन और अन्य कंपाउंड में Trenbolone, Winstrol, Sustanon, Deca, Test E-250 और Masteron समेत कई उत्पाद बरामद किए गए हैं. बड़ी संख्या में होलोग्राम, खाली शीशियां, मोनो कार्टन और दूसरी पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस को इस कारोबार के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है.
असली दवा या नकली, जांच के बाद पता चलेगा
पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री में कुछ उत्पाद प्रतिबंधित या नियंत्रित श्रेणी के हो सकते हैं. हालांकि इनकी वास्तविक संरचना, गुणवत्ता और वैधता की जांच अभी कराई जा रही है. पुलिस का कहना है कि बिना मानकों और चिकित्सकीय निगरानी के तैयार दवाओं, स्टेरॉयड या हार्मोन आधारित कंपाउंड का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये उत्पाद वास्तव में कहां तैयार किए जाते थे और इनके लिए कच्चा माल कहां से आता था. इसके साथ ही दिल्ली-NCR में किन दुकानों, जिम संचालकों और ग्राहकों तक इनकी सप्लाई पहुंची, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है.
मोहित, आदिल और ललित शर्मा की तलाश
मामले में पुलिस ने शालीमार गार्डन थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है. पूछताछ में सामने आए मोहित, आदिल और ललित शर्मा समेत अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है. पुलिस अब कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि नकली लेबल और पैकिंग के जरिए तैयार किए जा रहे उत्पादों की सप्लाई का दायरा कितना बड़ा था और अब तक कितने लोगों तक यह सामग्री पहुंच चुकी है.
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