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Healthy Food Myth: हर हेल्दी दिखने वाला खाना सेहतमंद नहीं! इन 5 फूड को लेकर जानें पूरी सच्चाई

अक्सर लोग सेहत के लिए कई हेल्दी फूड ऑप्शन का चुनाव करते हैं. लेकिन परेशानी तब होती है जब ये हेल्दी फूड आपके लिए हेल्दी हो ही न. ऐसे में जरूरी हैं कि आप जिन फूड आइटम का सेवन कर रहे हैं, उनके बारे में अच्छे से जानकारी रखें.

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आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हैं. इसी वजह से कई लोग जंक फूड की जगह ऐसे खाने चुनते हैं जिन्हें हेल्दी माना जाता है. लेकिन हर हेल्दी दिखने वाला खाना हर किसी के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है. खाने का तरीका, उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें और मात्रा भी बहुत मायने रखती है. कुछ फूड को लोग हेल्दी मानते हैं, लेकिन कुछ मामलों में इनमें सावधानी जरूरी है.

सोया चंक्स

सोया चंक्स को भारत में प्रोटीन का अच्छा सोर्स माना जाता है. खासकर शाकाहारी लोग इसे खूब खाते हैं. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार सोया चंक्स काफी प्रोसेस्ड होते हैं. इसलिए इन्हें सोया के दूसरे कम प्रोसेस्ड रूपों जैसे टोफू और टेम्पेह से अलग माना जा सकता है.

पालक पनीर

पालक पनीर को अक्सर हेल्दी डिश माना जाता है. पालक में कई पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसमें ऑक्सलेट भी पाया जाता है. यह शरीर में आयरन और कैल्शियम के अबसॉर्ब करने को प्रभावित कर सकता है. इसलिए पालक और पनीर को अलग-अलग खाना एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है.

तंदूरी प्रोटीन

तंदूरी चिकन या पनीर टिक्का देखकर लगता है कि यह फ्राइड खाने से बेहतर है. लेकिन बाहर मिलने वाले तंदूरी फूड में कई बार ज्यादा तेल और फूड कलर का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में खाना चुनते समय इसे ध्यान में रखना जरूरी है.

इंस्टेंट नाश्ता

रेडी-टू-ईट उपमा और मसाला ओट्स समय बचाते हैं. लेकिन कुछ इंस्टेंट मिक्स में ज्यादा नमक, चीनी, स्टेबलाइजर और रिफाइंड आटा हो सकता है. इसलिए पैकेट खरीदते समय लेबल और सामग्री जरूर देखें.

मल्टीग्रेन आटा

मल्टीग्रेन आटा अच्छा हो सकता है, लेकिन बाजार में मिलने वाले कुछ पैकेट वाले आटे में साबुत अनाज कम और रिफाइंड आटा ज्यादा हो सकता है. इसलिए आटा खरीदते समय उसमें इस्तेमाल हुए अनाज की मात्रा देखना बेहतर है.

हेल्दी खाने का सही तरीका क्या है?

किसी भी खाने को पूरी तरह अच्छा या खराब मानना सही नहीं है. कितनी क्वांटिटी में खा रहे हैं, कितनी बार खा रहे हैं और उसे कैसे तैयार किया गया है, इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए. पैकेट वाले फूड खरीदते समय लेबल पढ़ें और घर के बने ताजे खाने को प्राइयॉयटी दें.