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अब हल्की खांसी-जुकाम में फार्मेसी से नहीं ले पाएंगे सिरप, दिखानी होगी डॉक्टर की पर्ची

पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे, जिनमें संदिग्ध और दूषित कफ सिरप को कारण बताया गया. इन घटनाओं ने देशभर में दवा सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे.

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हाइलाइट्स
  • सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

  • पहले सिरप खरीदने की क्या प्रक्रिया थी?

देश में दवाओं की बिक्री को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब कफ सिरप समेत कई तरह के सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर से नहीं खरीदे जा सकेंगे. यह बदलाव ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत बनाए गए ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करके किया गया है. सरकार ने इस नए नियम को 'ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2026' नाम दिया है. इसे 9 जून 2026 को आधिकारिक गजट में नोटिफाई किया गया और उसी दिन से यह लागू भी हो गया है.

क्या है नया बदलाव?
नए नियम के अनुसार, ड्रग्स रूल्स 1945 की शेड्यूल K में जहां पहले कुछ दवाओं की श्रेणी में Syrups शामिल थे, अब उस शब्द को हटा दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब सिरप वाली दवाएं सामान्य ओवर-द-काउंटर (OTC) कैटेगरी में नहीं रहेंगी.

अब इन दवाओं की बिक्री तभी होगी जब मरीज के पास रजिस्टर्ड डॉक्टर की पर्ची (Prescription) होगी. यानी फार्मेसी से कफ सिरप या अन्य मेडिसिनल सिरप लेना पहले की तरह आसान नहीं रहेगा.

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
यह कदम अचानक नहीं उठाया गया है. पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुछ बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे, जिनमें संदिग्ध और दूषित कफ सिरप को कारण बताया गया. इन घटनाओं ने देशभर में दवा सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. इसके बाद सरकार पर दबाव बढ़ा कि सिरप फॉर्म में मिलने वाली दवाओं की निगरानी और सख्त की जाए. खासकर बच्चों को दी जाने वाली कफ सिरप को लेकर चिंता बढ़ गई थी.

पहले सिरप खरीदने की क्या प्रक्रिया थी?
इस बदलाव से पहले कई तरह के कफ सिरप और अन्य मेडिसिनल सिरप आसानी से मेडिकल स्टोर से बिना पर्ची के मिल जाते थे. लोग हल्की खांसी या जुकाम में सीधे फार्मेसी से दवा ले लेते थे लेकिन अब यह सुविधा खत्म हो जाएगी और हर सिरप के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होगी.

ड्राफ्ट पहले ही जारी किया गया था
सरकार ने इस बदलाव का ड्राफ्ट 30 दिसंबर 2025 को जारी किया था. उस समय आम जनता और विशेषज्ञों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं. मिले सुझावों पर विचार करने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया गया.

आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस नए नियम का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ेगा. अब छोटी-मोटी खांसी-जुकाम के लिए भी डॉक्टर से परामर्श लेना होगा. इससे एक तरफ जहां दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी तरफ इलाज की प्रक्रिया थोड़ी लंबी और खर्चीली भी हो सकती है.