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सावधान! बच्चों की आंखों पर लगाते हैं काजल? डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी

आजकल बाजार में मिलने वाला ज्यादातर काजल शुद्ध नहीं होता. इनमें केमिकल, कार्बन, लेड और अन्य जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों की नाजुक आंखों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं. नवजात और छोटे बच्चों की आंखों के आसपास की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है. ऐसे में थोड़ी-सी भी केमिकल वाली चीज आंखों में जाने से गंभीर नुकसान हो सकता है. बिना जांच-परख के बिकने वाले काजल बच्चों के लिए खास तौर पर असुरक्षित हैं.

एक समय था जब बच्चों की आंखों में काजल लगाना शुभ माना जाता था. लोगों का विश्वास था कि इससे बच्चे को नजर नहीं लगती, किस्मत अच्छी रहती है और उसकी सुंदरता बढ़ती है. खासकर नवजात बच्चों को काजल लगाने की परंपरा घर-घर में देखने को मिलती थी. लेकिन अब यही परंपरा बच्चों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है. हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बच्चों की आंखों में काजल लगाने के बाद जलन, सूजन और संक्रमण की समस्या देखी गई. इन घटनाओं के बाद माता-पिता के साथ-साथ डॉक्टर भी चिंतित हैं और बच्चों की आंखों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं.

दरअसल, आजकल बाजार में मिलने वाला ज्यादातर काजल शुद्ध नहीं होता. इनमें केमिकल, कार्बन, लेड और अन्य जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों की नाजुक आंखों के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं. नवजात और छोटे बच्चों की आंखों के आसपास की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है. ऐसे में थोड़ी-सी भी केमिकल वाली चीज आंखों में जाने से गंभीर नुकसान हो सकता है. बिना जांच-परख के बिकने वाले काजल बच्चों के लिए खास तौर पर असुरक्षित हैं.

काजल से होने वाली समस्याएं
डॉक्टरों का कहना है कि केमिकल युक्त काजल लगाने से आंखों में लगातार पानी आना, लालिमा, खुजली, सूजन और बार-बार आंखें मलने की आदत हो सकती है. कई मामलों में संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि बच्चों को दवा और आई ड्रॉप्स की जरूरत पड़ती है. लंबे समय तक ऐसे काजल का इस्तेमाल करने से आंख की कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है और बच्चे की आंखों की रोशनी भी कमजोर हो सकती है. इसी वजह से डॉक्टर बच्चों की आंखों में किसी भी तरह का काजल लगाने से मना कर रहे हैं.

एक साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सख्त मनाही
डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि एक साल से कम उम्र के बच्चों की आंखों में काजल बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए. अगर किसी कारणवश माता-पिता ऐसा जरूरी समझते भी हैं, तो बाजार में मिलने वाले काजल से पूरी तरह बचें.वहीं काजल से एलर्जी, बैक्टीरियल इंफेक्शन, आंखों की नसों में सूजन, पलकों पर फोड़े और आंखों से लगातार पानी गिरने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. ये सभी खतरे बताते हैं कि बच्चों की आंखों की सुरक्षा के लिए इस परंपरा को छोड़ना ही बेहतर है.

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