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आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में सुबह जल्दी उठना कई लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है. अलार्म बजते ही उसे स्नूज़ करना और फिर देर तक सोते रहना एक आम आदत बन गई है. देर रात तक जागना, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल और खराब दिनचर्या इसकी बड़ी वजहें हैं.
अगर आप अपनी लाइफ में पॉजिटिव बदलाव लाना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी उठना एक गेम चेंजर साबित हो सकता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको अपनी पूरी दिनचर्या बदलने की जरूरत नहीं, बल्कि कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर आप आसानी से 'अर्ली बर्ड' बन सकते हैं.
फोन को रखें दूर
सुबह उठने में सबसे बड़ा रोड़ा होता है बार-बार स्नूज़ बटन दबाना. जब अलार्म आपके बिल्कुल पास होता है, तो उसे बंद करना बेहद आसान हो जाता है और आप दोबारा सो जाते हैं. बेहतर होगा कि आप अपने अलार्म या फोन को बिस्तर से थोड़ी दूरी पर रखें. इससे अलार्म बंद करने के लिए आपको उठना पड़ेगा और एक बार शरीर एक्टिव हो गया तो दोबारा नींद आने की संभावना कम हो जाती है.
डिनर करें हल्का और समय पर
आपकी सुबह की क्वालिटी इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपने रात में क्या और कब खाया. अगर आप सोने से ठीक पहले भारी भोजन करते हैं, तो शरीर उसे पचाने में लगा रहता है और आपको गहरी नींद नहीं मिलती. इसलिए कोशिश करें कि सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का भोजन करें. इससे नींद बेहतर होगी और सुबह उठते समय शरीर हल्का और तरोताजा महसूस करेगा.
डिजिटल डिटॉक्स जरूरी
आजकल मोबाइल और लैपटॉप हमारी लाइस्टाइल का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन सोने से पहले इनका इस्तेमाल आपकी नींद को प्रभावित करता है. स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी नींद प्रभावित होती है.इसलिए सोने से करीब 30 मिनट पहले स्क्रीन से दूरी बनाएं. इस समय का उपयोग किताब पढ़ने या हल्का संगीत सुनने में करें, इससे मन शांत होगा और जल्दी नींद आएगी.
उठने के लिए बनाएं एक वजह
अगर आपके पास सुबह उठने की कोई खास वजह नहीं है, तो बिस्तर छोड़ना और भी मुश्किल हो जाता है. इसलिए रात को ही तय कर लें कि सुबह उठकर आप क्या करना चाहते हैं, चाहे वह योग हो, वॉक हो, ध्यान हो या अपनी पसंदीदा चाय के साथ कुछ शांत समय बिताना. जब आपके पास एक मकसद होता है, तो उठना आसान हो जाता है.