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Risks Of Sitting In AC: एसी में बैठना सुकून नहीं, शरीर पर जुल्म का दूसरा नाम.. जानें क्या होता बॉडी को नुकसान, कैसे कर सकते हैं बचाव?

लोग अब घर से दफ्तर के लिए निकलते हैं, तो अक्सर उनका पूरा समय ही एसी में बीत जाता है. घर में एसी, वाहन में एसी, दफ्तर में एसी. लेकिन यहीं एसी उनकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.

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अक्सर देखा जाता है कि दफ्तर में काम करने वाले लोग गर्मियों के मौसम में सर्दियों के मुकाबले ज्यादा सर्दी-जुकाम के शिकार होते हैं. कुछ चिल्लाते रहते हैं कि एसी चलाओ, तो वहीं कुछ लोग एसी बंद करवाने के पीछे पड़े रहते हैं. गर्मियों के मौसम में एसी बेशक एक जरूरत बन जाता है, क्योंकि पहले के मुकाबले अब गर्मी ज्यादा पड़ती है. यही कारण है कि लोग जब घर से दफ्तर के लिए निकलते हैं, तो अक्सर उनका पूरा समय ही एसी में बीत जाता है. घर में एसी, वाहन में एसी, दफ्तर में एसी. लेकिन यहीं एसी उनकी सेहत पर किस तरह नकारात्मक प्रभाव डालता है, वह इस बात से अंजान होते है.

पड़ता है नसों पर गहरा प्रभाव
जिस दौरान आप गर्मी के संपर्क में आते है, उस समय आपके शरीर का वो सिस्टम काम शुरू करता है जिससे आपका शरीर ठंडा रह पाता है. यानी आपके शरीर की नसे खुल जाती है और खून का प्रवाह ज्यादा होता है. वहीं जब आप एकाएक एसी में दाखिल हो जाते हैं तो ये नसे सिकुड़ जाती हैं, जिससे शरीर को ठंडा करने का सिस्टम रुक जाता है. उस दौरान आप एसी की हवा के संपर्क में होते हैं. लेकिन अगर आपका लगातार धूप में आना जाना करें और बीच में एसी आता रहे. तो इसका प्रभाव शरीर पर गहरा पड़ता है.

आखिर क्यों होते हैं सर्दी-जुकाम के शिकार
दरअसल एसी की हवा बेशक ठंडी तो जरूर होती है, लेकिन वह ड्राय होती है. यानी उसमें नमी की कमी होती है. जिस दौरान आप एसी में बैठे होते हैं, उस दौरान आप काफी मात्रा में ड्राय एयर का इनटेक करते हैं. जो आपके गले में सूखापन पैदा करती है. साथ ही सूखी हवा आपके फेफड़ों तक पहुंचती है, जिससे बॉडी में ऑक्सीजन लेवल भी कम होता है. इसका असर यही होता है कि आप सर्दी-जुकाम के शिकार बन जाते हैं, क्यों आपका गला और फेफड़े सूखी हवा के संपर्क में काफी आते हैं.

क्या है इलाज?
इस परेशानी का दूर का सबसे बेहतर तरीका है कि जब भी आप धूप से एसी में दाखिल होने वाले हो, तो पहले कुछ देर नॉर्मल तापमान वाली जगह रुक जाए. इससे आपकी बॉडी में खून का प्रवाह नॉर्मल हो जाएगा और एसी में दाखिल होने के बाद शरीर को उतना नुकसान नहीं पहुंचेगा. साथ ही गर्मी में एसी में बैठने के दौरान पानी भी काफी कम पीते हैं. इसलिए बेहतर होगा कि आप एक निर्धारित सीमा तय कर लें, कि आपको दिन में इतना पानी पीना ही पीना है.

साथ ही कोशिश करें कि एसी का तापमान बहुत ज्यादा न हो, क्योंकि बहुत ज्यादा कम तापमान आपकी त्वचा पर सूखापन पैदा करता है. कोशिश यह भी करें कि आप पूरे 9 घंटे एसी में बैठ कर न बिताएं. बीच-बीच में कुछ समय के लिए ऐसी जगह पर बैठे जहां एसी की हवा कम हो, जिससे आपकी बॉडी थोड़ा नॉर्मल रह सके.