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कोवैक्सिन की डोज के बाद बच्चे नहीं लें पेनकिलर या पैरासिटामोल, भारत बायोटेक ने ट्वीट के जरिए किया सावधान

कंपनी ने आगे जानकारी दी कि लगभग 30,000 व्यक्तियों के क्लिनिकल परीक्षणों के बाद, लगभग 10 से 20 प्रतिशत लोगों ने ही साइड इफेक्ट की सूचना दी थी और उनमें से ज्यादातर हल्के थे. ये एक या दो दिनों के भीतर हल हो गए और इसके लिए किसी भी दवा की आवश्यकता नहीं पड़ी.

पैरासिटामोल की सिफारिश केवल अन्य कोविड -19 टीकों के साथ की गई थी और यह कोवैक्सिन के लिए नहीं है. पैरासिटामोल की सिफारिश केवल अन्य कोविड -19 टीकों के साथ की गई थी और यह कोवैक्सिन के लिए नहीं है.
हाइलाइट्स
  • कंपनी ने ट्वीट कर दी जानकारी 

  • एक करोड़ से ज्यादा बच्चों को मिल चुकी है वैक्सीन की पहली डोज

भारत बायोटेक ने बुधवार को कहा कि कोविड -19 वैक्सीन, कोवैक्सिन की डोज लगने के बाद किसी भी पैरासिटामोल या पेनकिलर दवा की सिफारिश नहीं की जाती है. कंपनी ने आगे जानकारी दी कि लगभग 30,000 व्यक्तियों के क्लिनिकल परीक्षणों के बाद, लगभग 10 से 20 प्रतिशत लोगों ने ही साइड इफेक्ट की सूचना दी थी और उनमें से ज्यादातर हल्के थे. “ये एक या दो दिनों के भीतर हल हो गए और इसके लिए किसी भी दवा की आवश्यकता नहीं पड़ी”, कंपनी ने आगे कहा.

कंपनी ने ट्वीट कर दी जानकारी 

भारत बायोटेक ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, "हमें फीडबैक मिला है कि कुछ टीकाकरण केंद्र बच्चों के लिए कोवैक्सिन के साथ तीन पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम टैबलेट लेने की सिफारिश कर रहे हैं. कोवैक्सिन के साथ टीकाकरण के बाद किसी भी पैरासिटामोल या दर्द निवारक की सिफारिश नहीं की जाती है."

एक करोड़ से ज्यादा बच्चों को मिल चुकी है वैक्सीन की पहली डोज 

वैक्सीन निर्माता ने कहा कि चिकित्सक के परामर्श के बाद ही दवा की सिफारिश की जाती है. पैरासिटामोल की सिफारिश केवल अन्य कोविड -19 टीकों के साथ की गई थी और यह कोवैक्सिन के लिए नहीं है. बता दें कि 3 जनवरी से 15-18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है और अब तक एक करोड़ से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है. अभी बच्चों के लिए भारत में सिर्फ कोवैक्सिन ही उपलब्ध है.