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फाइजर ने लिया बड़ा फैसला, दुनिया के 95 देशों में अपनी कोरोना टैबलेट बनाने की देगा इजाजत

समझौते की शर्तों के तहत, फाइजर को कम आय वाले देशों में बिक्री पर रॉयल्टी नहीं मिलेगी और समझौते में शामिल सभी देशों में बिक्री पर रॉयल्टी माफ होगी. इस करार में कुछ बड़े देशों को शामिल नहीं किया गया है जहां महामारी का बुरा असर पड़ा है.

फाइजर की कोरोना पिल फाइजर की कोरोना पिल
हाइलाइट्स
  • कोरोना के सस्ते इलाज की राह हुई आसान

  • चंद टैबलेट की डोज कर देगी कोरोना का सफाया

औषधि निर्माता कंपनी फाइजर ( Pfizer) ने अपनी एक्सपेरिमेंटल कोविड-19 दवा को दूसरे उत्पादकों को बनाने की अनुमति देने के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक समूह (UN backed group) से करार किया है. इस कदम से कोरोना की दवा दुनिया की आधी आबादी के लिए उपलब्ध हो सकती है. 

मंगलवार को जारी एक बयान में फाइजर ने कहा कि वह कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव की दवा बनाने के लिए जिनेवा स्थित ‘मेडिसिन्स पेटेंट पूल’ को लाइसेंस देगी. इसकी मदद से ‘जेनरिक’ औषधि निर्माता कंपनियां दवा का उत्पादन कर सकेंगी. इससे विश्व के 95 देशों में इस दवा का इस्तेमाल हो सकेगा जहां दुनिया की लगभग 53 प्रतिशत आबादी रहती है.

करार में बड़े देश नहीं शामिल 

इस करार में कुछ बड़े देशों को शामिल नहीं किया गया है जहां कोरोनावायरस से पैदा हुई महामारी का बुरा असर पड़ा है. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फाइजर की दवा को दूसरी कंपनियों में बनाने की मंजूरी मिलने से महामारी से जल्द निजात पाई जा सकती है. ‘मेडिसिन्स पेटेंट पूल’ के नीति प्रमुख एस्तेबान बुरोन ने कहा, “यह जरूरी है कि हम चार अरब से ज्यादा लोगों को ऐसी दवा उपलब्ध कराएंगे जो प्रभावी है और अभी इसका विकास किया गया है.” उन्होंने कहा कि दूसरी दवा निर्माता कंपनियां कुछ महीनों में ही दवा का उत्पादन शुरू कर सकती हैं.  

फाइजर को कम आय वाले देशों में बिक्री पर रॉयल्टी नहीं मिलेगी

समझौते की शर्तों के तहत, फाइजर को कम आय वाले देशों में बिक्री पर रॉयल्टी नहीं मिलेगी और समझौते में शामिल सभी देशों में बिक्री पर रॉयल्टी माफ होगी. इससे पहले फाइजर ने कहा था कि उसकी कोरोना पिल हल्के से मध्यम कोरोनावायरस संक्रमण से ग्रस्त लोगों के अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को लगभग 90 प्रतिशत तक कम कर देती है. फाइजर ने कहा कि वह अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन और दूसरे ड्रग रेगुलटर्स को जल्द से जल्द पिल को अथॉरिटाइज करने के लिए कहेगा. 

ब्रिटेन ने इस महीने की शुरुआत में मर्क की COVID-19 गोली को अथॉरिटाइज किया था, लेकिन फिलहाल इसे कहीं और इस्तेमाल की परमिशन नहीं मिली है. अक्टूबर में मेडिसिन पेटेंट पूल के साथ इसी तरह के सौदे में, मर्क ने अन्य दवा निर्माताओं को अपनी COVID-19 पिल मोलनुपिरवीर (molnupiravir) 105 गरीब देशों में उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की थी. 

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