Gurpreet Kaur
Gurpreet Kaur
पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत लोगों का फ्री इलाज हो रहा है. इस योजना के तहत हर पात्र परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जा रहा है. बठिंडा की 37 साल की गुरप्रीत कौर के दिल में छेद था. वो इस बीमारी से सालों से जूझ रही थी. लेकिन सेहत योजना के तहत उनका फ्री इलाज हुआ. इस योजना के तहत अब तक 45 लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण हो चुका है. हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है.
गुरप्रीत कौर के दिल में था बड़ा छेद-
बठिंडा की 37 वर्षीय गुरप्रीत कौर हृदय की एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थी. इस बीमारी की वजह से उनके जीवन पर अचानक संकट आ गया. जब उन्हें पता चला कि उनके दिल में एक बड़ा छेद है, तो उन्हें न केवल स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा, बल्कि इलाज में भारी खर्च की चिंता भी सताने लगी. लेकिन एम्स बठिंडा में सफल इलाज और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के सहयोग से उन्हें जीवन का नया अवसर मिला.
22 मिमी का एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट पाया-
जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनके हृदय के ऊपरी दोनों कक्षों के बीच 22 मिलीमीटर का बड़ा एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ए एस डी) था. इसके कारण रक्त प्रवाह में असंतुलन पैदा हो गया था और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था. अगर इसका इलाज नहीं किया जाता, तो आगे चलकर यह हृदय विफलता जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता था.
मुझे चिंता खर्च को लेकर थी- गुरप्रीत कौर
बीमारी का पता चलते ही परिवार में चिंता का माहौल बन गया. एक ओर स्वास्थ्य की चिंता थी, दूसरी ओर इलाज का खर्च भी एक बड़ी चुनौती था. गुरप्रीत कौर बताती हैं कि सबसे पहले मेरे मन में इलाज के खर्च का ही विचार आया. मुझे चिंता थी कि हम इतना खर्च कैसे उठा पाएंगे? ऐसा लग रहा था जैसे हमारा परिवार जीवन के एक बहुत कठिन मोड़ पर खड़ा हो.
फ्री में हुआ गंभीर बीमारी का इलाज-
एम्स बठिंडा के विशेषज्ञों ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया की सलाह दी. अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, 5 मई 2026 को कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब में सामान्य एनेस्थीसिया के तहत यह प्रक्रिया की गई. इस दौरान 24 मिलीमीटर का एम्प्लाट्ज़र सेप्टल ऑक्लूडर डिवाइस लगाकर हृदय के छेद को बंद किया गया.
परिवार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना पर भरोसा किया, जिसके तहत लगभग एक लाख रुपये की उपचार लागत कवर की गई. यह प्रक्रिया जोखिमपूर्ण थी और सहमति दस्तावेजों में संभावित हृदय संबंधी जटिलताओं, हीमोडायनामिक अस्थिरता तथा गंभीर चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता जैसी आशंकाओं का उल्लेख किया गया था.
कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब के बाहर परिवार के सदस्य हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहे थे. गुरप्रीत के पति उस समय को याद करते हुए कहते हैं कि हम केवल प्रार्थना ही कर सकते थे. हर मिनट बहुत लंबा लग रहा था. जब डॉक्टर बाहर आए और उन्होंने बताया कि सब कुछ सफल रहा, तो ऐसा लगा जैसे हमारे सिर से बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो.
कोई भी परिवार इलाज से वंचित नहीं रहेगा- स्वास्थ्य मंत्री
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला सार्वजनिक स्वास्थ्य सहायता के वास्तविक उद्देश्य को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को आर्थिक कठिनाइयों के कारण गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए. गुरप्रीत की स्वस्थता इस बात का प्रमाण है कि समय पर चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सुरक्षा न केवल जीवन बचा सकती है, बल्कि परिवारों की गरिमा भी बनाए रख सकती है.
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 1,75,210 मरीजों को लाभ मिल चुका है और 3,43,370 उपचार किए जा चुके हैं. योजना पर अब तक 581.90 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो राज्य में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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