Hormonal Contraceptives
Hormonal Contraceptives
प्रेग्नेंसी से बचने के लिए महिलाएं बर्थ कंट्रोल पिल्स यानि गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करती हैं. लेकिन हाल की एक रिसर्च यह भी साबित करती हैं कि इसके सेवन से आत्महत्या करने की आशंका कम होती है.
पिछले शोध का खंडन
हेलसिंकी विश्वविद्यालय ने अपनी स्टडी में पाया कि जो महिलाएं गर्भ निरोधक गोलियां खा रही थीं उनमें आत्महत्या करने की आशंका कम देखने को मिली. हेलसिंकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने स्टडी में हार्मोनल गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करने और नहीं करने वाली महिलाओं को शामिल किया. इस नए शोध ने उस स्टडी का खंडन किया है जिसमें कहा जा रहा था कि गर्भनिरोधक गोली लेने वाली महिलाओं में आत्महत्या करने की आशंका ज्यादा रहती है.
गर्भनिरोधक गोलियां लेने वाली महिलाओं में आत्महत्या की आशंका कम
लेकिन हाल में हुई रिसर्च के परिणाम ठीक इससे उलट आए हैं. शोधकर्ताओं ने पाया कि हार्मोनल गर्भनिरोधक का उपयोग करने वाली महिलाओं में आत्महत्या के प्रयास की दर उन महिलाओं की तुलना में कम है जो गर्भनिरोधक दवाई का इस्तेमाल नहीं करती हैं. बेशक गर्भनिरोधक दवाइयों के कई सारे साइड इफेक्ट्स होते हैं. बर्थ कंट्रोल पिल्स आपके भावनात्मक जीवन को प्रभावित करती है.
बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर
यूनिवर्सिटी ऑफ हेलसिंकी की शोधकर्ता डॉ एलेना टॉफोल इसे गर्भनिरोधक दवाइयां लेने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर मानती हैं. इस रिसर्च में सामने आया कि कम उम्र की महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले अवसाद की दर ज्यादा होती है. जिसकी वजह से वह आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाती हैं. सामान्य तौर पर, आत्महत्या की दर कम उम्र की महिलाओं में अधिक होती है.
फिनलैंड की 15-49 आयु वर्ग की 587,823 महिलाओं पर यह रिसर्च की गई. जिसके परिणाम हैरान कर देने वाले थे. स्टडी में पाया गया कि 15-19 आयु वर्ग की महिलाओं में हार्मोनल गर्भनिरोधक नहीं लेने वालों में आत्महत्या के प्रयास की दर अधिक थी. कुछ महिलाओं में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स खाने से व्यवहार परिवर्तन जैसे लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन किसी-किसी के व्यवहार में भारी बदलाव नजर आ सकता है.