गर्मियों में नकसीर क्यों होती है
गर्मियों में नकसीर क्यों होती है
गर्मियों का मौसम कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है. तेज धूप, लू और सूखी हवा का असर शरीर पर साफ नजर आता है. इन्हीं में से एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है नाक से खून आना, जिसे नकसीर कहा जाता है. अक्सर लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार होने पर यह शरीर में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. सही जानकारी और सावधानी से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है.
गर्मियों में नकसीर क्यों होती है
गर्मी के मौसम में वातावरण काफी शुष्क हो जाता है. इसका सीधा असर नाक के अंदर की नाजुक झिल्ली पर पड़ता है. सूखापन बढ़ने से वहां मौजूद छोटी-छोटी नसें कमजोर होकर फट सकती हैं, जिससे खून निकलने लगता है. इसके अलावा शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी एक बड़ा कारण है. जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता, तो नाक के अंदर सूखापन बढ़ जाता है. कुछ अन्य कारणों में बार-बार नाक साफ करना, उंगली डालना, एलर्जी, या किसी तरह की चोट शामिल हैं. बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि उनकी नसें अधिक संवेदनशील होती हैं.
नकसीर के लक्षण
नकसीर का सबसे प्रमुख लक्षण अचानक नाक से खून बहना है. कई बार इससे पहले नाक में खुजली, जलन या सूखापन महसूस हो सकता है. कुछ लोगों को सिर भारी लगना या हल्का चक्कर आना भी महसूस होता है. अगर खून ज्यादा मात्रा में आए या बार-बार यह समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
नकसीर आने पर क्या करें
अगर नाक से खून आने लगे, तो सबसे पहले घबराएं नहीं. आराम से बैठ जाएं और सिर को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं. नाक को हल्के से दबाकर कुछ मिनट तक रखें, इससे खून रुकने में मदद मिलती है. ध्यान रखें कि सिर पीछे की ओर न झुकाएं, क्योंकि इससे खून गले में जा सकता है.
बचाव के आसान उपाय
नकसीर से बचने के लिए सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद होता है. तेज धूप में निकलने से बचें और बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें. नाक के अंदर नमी बनाए रखना भी जरूरी है. इसके लिए कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है या ठंडी और हवादार जगह पर रहना चाहिए. नाक को बार-बार छूने या जोर से साफ करने से बचें. संतुलित आहार लें और बहुत ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन भी सीमित रखें.
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