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Study on Heart Attack: ये मौसम कर सकता है हार्ट अटैक के जोखिम को दोगुना, जान लीजिए सुरक्षित रहने के उपाय

खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है किजितना हो सके AC वाले इनडोर स्थान पर रहें. इसके अलावा, प्यास न लगने पर भी खूब सारा पानी या लिक्विड पिएं. और अगर बाहर जाना है तो तापमान देखकर ही शेड्यूल करें.

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Heart Attack Heart Attack
हाइलाइट्स
  • महिलाओं को है ज्यादा खतरा 

  • 2 लाख से ज्यादा लोगों का डेटा देखा गया 

जुलाई में इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी है. पूरे दक्षिण पश्चिम और मध्य अमेरिका में भीषण गर्मी की लहर चल रही है जो पूर्व की ओर बढ़ रही है. इसके साथ ही गर्मी में थकावट और हीट स्ट्रोक जैसी बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है. लेकिन नए शोध से पता चलता है कि मौसम का असर आपके स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है. स्टडी के मुताबिक, इस मौसम ने हार्ट अटैक के जोखिम को दोगुना कर दिया है. 

2 लाख से ज्यादा लोगों का डेटा देखा गया 

दरअसल , ये अध्ययन जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित हुआ था. इसमें चीन के जियांग्सू प्रांत में 2015 और 2020 के बीच 202,000 से अधिक दिल के दौरे से हुई मौतों के डेटा पर स्टडी की गई है. इस डेटा में पाया गया कि जब तापमान या तो बहुत अधिक गर्म या बहुत कम होता था, या जब हवा में पार्टिकुलेट मैटर पॉल्यूशन का लेवल ज्यादा हो जाता है तो दिल का दौरा पड़ने, यानी मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन से मृत्यु होने का खतरा भी बढ़ जाता है. 

महिलाओं को है ज्यादा खतरा 

शोधकर्ताओं ने विशेष रूप से पाया कि 82.6 से 97.9 डिग्री तापमान में दिल का दौरा पड़ने का खतरा सामान्य से 18% अधिक था, और 94.8 से 109.4 डिग्री तापमान के दौरान ये खतरा 74% अधिक बढ़ गया था. गर्मी में दिल का दौरा पड़ने से मरने का जोखिम पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा था. इसके अलावा, 80 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में इसका खतरा ज्यादा था. 

क्या है इसके पीछे का कारण?

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) बताता है कि हार्ट अटैक तब होता है जब दिल  की मांसपेशियों के एक हिस्से को पर्याप्त खून नहीं मिल पाता है. सीडीसी के अनुसार, इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे-

-हाई ब्लड प्रेशर.

-कोलेस्ट्रॉल लेवल का बिगड़ जाना .

-डायबिटीज. 

-मोटापा.

-एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी की कमी. 

-बहुत अधिक शराब पीना या तम्बाकू का इस्तेमाल. 

-दिल की बीमारी का कोई पारिवारिक इतिहास होना.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (EPA) ने भी ज्यादा गर्मी में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों को लेकर चेतावनी दी है. आज गर्मी से संबंधित सभी मौतों में से एक चौथाई का कारण केवल हार्ट अटैक है. 2010 से 2016 तक मृत्यु दर के आंकड़ों के साथ कुवैत में तापमान के ज्यादा गर्म होने के कारण हार्ट अटैक से कई मौतें हुई हैं. हालांकि, डॉक्टर्स का इसपर कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण डीहाइड्रेशन है. 

खुद को ऐसे सुरक्षित रखें

-जितना हो सके वातानुकूलित इनडोर स्थान पर रहें

-प्यास न लगने पर भी खूब सारा पानी या लिक्विड पिएं. 

-बाहर जाना है तो तापमान देखकर ही शेड्यूल करें.

-हल्के, ढीले-ढाले कपड़े और सनस्क्रीन लगाएं.

-ठंडे पानी से नहाएं या शॉवर लें.

-स्वास्थ्य से जुड़ी सभी अपडेट के लिए स्थानीय समाचार देखें.