scorecardresearch

Heat Wave: लू या हीट वेव क्या है... यह कितना खतरनाक... इससे बचने के लिए क्या करें... कौन से हैं लू प्रभावित राज्य... एक क्लिक में सबकुछ जानिए

अप्रैल में ही सूर्य देव आग उगल रहे हैं. कई जगहों पर पारा 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. मौसम विभाग ने दिल्ली, यूपी और बिहार सहित कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि लू या हीट वेव क्या है और इससे बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

Heat Wave Heat Wave

देश के कई राज्यों में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखना शुरू कर दिया है. अप्रैल में ही सूर्य देव आग उगल रहे हैं. गर्मी से लोगों का हाल बेहाल हो रहा है. कई जगहों पर पारा 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. अभी तापमान को और बढ़ने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, यूपी और बिहार सहित कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि लू या हीट वेव क्या है और इससे बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

क्या है हीट वेव या लू 
आपको मालूम हो कि गर्मी के मौसम में चलने वाली एकदम गर्म और सूखी हवा को लू या हीट वेव कहते हैं. तापमान जब किसी दिए गए क्षेत्र के सामान्य औसत से अधिक हो जाता है तो उसे हीट वेव कहते हैं. मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो लू चलने की घोषणा की जाती है. यदि तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है तो ऐसी स्थिति में इलाकों में बेहद खतरनाक लू चलने लगती है. इसे खतरनाक लू की श्रेणी में रखा जाता है. तटीय क्षेत्रों में जब तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तब इलाकों में हीट वेव चलनी शुरू हो जाती है. हीट वेव मुख्य रूप से मार्च से जून के दौरान चलती है. कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई में भी हीट वेव चलती है.  

हीट वेव ऐसे लेती है जन्म  
हीट वेव रुकी हुई हवाओं के चलते जन्म लेती है. उच्च दबाव वाली हवा को यह नीचे की ओर ले जाती है और फिर वह जमीन के पास हवा को आगे बढ़ने से रोकती है. नीचे बहने वाली हवा एक स्थान पर एकत्रित होकर गर्म हवा की रूप ले लेती है. यह हवा हीट वेव की रूप में चलती है. 

किन राज्यों में हीट वेव का रहता है खतरा 
हीट वेव चलने का खतरा उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रहता है. कभी-कभी हीट वेव तमिलनाडु और केरल में भी चलती है. आपको मालूम हो कि अभी पर्यावरण में प्रदूषण के कारण हीट वेव हिमालयी राज्यों में भी असर दिखाना शुरू कर दी है.

क्या है लू लगना 
शरीर का तापमान जब सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो इसे लू का लगना कहते हैं. यह एक तरह से हीट स्ट्रोक की स्थिति होती है. लू लगने के कारणों की बात करें तो यह तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने के कारण लग सकती है. गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने से शरीर डीहाइड्रेट हो सकता है और आपको लू लग सकती है. तेज धूप में काम करने से भी लू लग सकती है. गर्मी के मौसम में तेज धूप में सिर और शरीर को ढककर बाहर नहीं निकलने से भी लू लग सकती है.

लू लगने के लक्षण
1. तेज बुखार
2. सिर में दर्द और चक्कर आना
3. बार-बार प्यास लगना
4. त्वचा का लाल और सूखा होना
5. उल्टी या मतली आना
6. कमजोरी और थकावट 

गर्मी और लू से बचने के लिए करें ये उपाय 
1. घर से बाहर जाते समय अपने पास पानी की बोतल जरूर रखें.
2. गर्मी के मौसम में हल्का भोजन करें. 
3. छाछ, दही के साथ शरीर को ठंडा रखने वाले पदार्थों का सेवन करें. 
4. कभी भी घर से खाली पेट न निकलें. 
5. गर्मी के मौसम में हल्के रंग और कॉटन के कपड़ों को पहनें. 
6. धूप में बाहर निकलते समय खुद को कवर करके निकलें.
7. गर्मी के मौसम में आंखों को ठंडे पानी से धोना चाहिए. 
8. तेज धूप से त्वचा को बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाएं.
9. धूप से घर वापस लौटने पर तुरंत चेहरा को पानी से नहीं धोएं.
10. जलजीरा, सत्तू का शरबत बनाकर पीने से गर्मी का असर शरीर पर नहीं होता है.
11. तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा आदि का खूब सेवन अधिक करें.
12. चीनी, कैफीन या अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों से बचें. 
13. कच्चे प्याज को काटकर जेब में रखें या शरीर पर रगड़ें. यह शरीर को गर्म हवाओं से बचाता है.